Saturday, Apr 5 2025 | Time 04:29 Hrs(IST)
बिजनेस


अमेरिका की प्रशुल्क-कार्रवाई के असर, अवसर की जांच कर रहा है भारत : वाणिज्य मंत्रालय

अमेरिका की प्रशुल्क-कार्रवाई के असर, अवसर की जांच कर रहा है भारत : वाणिज्य मंत्रालय

नयी दिल्ली, 03 अप्रैल (वार्ता) भारत ने कहा है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत के खिलाफ जवाबी आयात शुल्क लागू करने के कार्यकारी आदेश और अन्य घोषणाओं के संभावित प्रभावाओं की सावधानी पूर्वक जांच कर रहा है और इससे उत्पन्न होने वाले अवसरों का भी अध्ययन कर रहा है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति की घोषणाओं के अनुसार भारत पर अतिरिक्त शुल्क 27 प्रतिशत लगाया गया है। राष्ट्रपति ट्रम्प की घोषणाओं पर भारत की यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत अमेरिका के साथ अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक भागीदारी को महत्व देता है और उसके साथ मिल कर काम करने को प्रतिबद्ध है ताकि इससे दोनों देशों के लोगों को लाभ हो।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिका के साथ व्यापार करने वाले विभिन्न देशों से होने वाले आयात पर मूल्यानुसार 10 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रशुल्क लगाया है। बुधवार रात (भारतीय समयानुसार) की गयी इन घोषणाओं के अनुसार सामान्य रूप से अमेरिका के व्यापारिक भागीदारों के विरुद्ध आयात पर 10 प्रतिशत का आधारभूत प्रशुल्क पांच अप्रैल (शनिवार) से और अलग- अलग देशों पर अलग-अलग जवाबी प्रशुल्क नौ अप्रैल से प्रभावी होंगे।

विज्ञप्ति में कहा, “वाणिज्य विभाग अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किए गए विभिन्न उपायों/घोषणाओं के प्रभावों की सावधानीपूर्वक जांच कर रहा है। विकसित भारत के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, विभाग भारतीय उद्योग और निर्यातकों सहित सभी हितधारकों के साथ मिलकर अतिरिक्त शुल्क के बारे में उनके आकलन पर प्रतिक्रिया ले रहा है और स्थिति का आकलन कर रहा है। वाणिज्य विभाग अमेरिकी व्यापार नीति में इस नए घटनाक्रम के कारण उत्पन्न होने वाले अवसरों का भी अध्ययन कर रहा है।”

विज्ञप्ति में कहा गया है कि अमेरिका के साथ अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक भागीदारी को महत्व देता है तथा 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका 'सैन्य भागीदारी, त्वरित वाणिज्य और प्रौद्योगिकी के लिए अवसरों को बढ़ाने को लागू करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे व्यापारिक संबंध आपसी समृद्धि का आधार बने रहें तथा भारत और अमेरिका के लोगों के लाभ के लिए परिवर्तनकारी बदलाव ला सकें।

मंत्रालय ने कहा है कि, ‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 13 फरवरी 2025 को 'मिशन 500' की घोषणा की थी - जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से भी अधिक बढ़ाकर 500 अरब अमेरिकी डॉलर करना है। तदनुसार, पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते के शीघ्र समापन के लिए भारतीय और अमेरिकी व्यापार दलों के बीच विचार-विमर्श चल रहा है इसमें आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण को विस्तृत करने सहित आपसी हितों के कई मुद्दे शामिल हैं।”

मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका के साथ इस समय चल रही व्यापार वार्ता दोनों देशों को व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण बढ़ाने में सक्षम बनाने पर केंद्रित है। केंद्र सरकार इन मुद्दों पर ट्रम्प प्रशासन के संपर्क में हैं और आगामी दिनों में इनके समाधान के लिए आशान्वित है।

अमेरिकी राष्ट्रपति की यह व्यापार कार्रवाई पहले से तय थी। श्री ट्रम्प ने राष्ट्रपति चुनाव के समय से ही उन देशों के खिलाफ ऊंची दर से प्रशुल्क लगाने की नीति अपनाने की बात कहनी शुरू कर दी थी। इन देशों में उन्होंने भारत का भी नाम लिया था।

भारत अमेरिका के साथ विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की बातचीत शुरू की है।

भारतीय उद्योग जगत ने आज अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इस शुल्क का दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारत पर कम असर पड़ेगा। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा कि अमेरिका की जवाबी प्रशुल्क लगाने की घोषणाओं के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि भारत की स्थिति अन्य प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर है।

उन्होंने एक बयान में कहा कि भारत पर जवाबी शुल्क 26 प्रतिशत लगाया गया है जबकि, वियतनाम पर 46 प्रतिशत, चीन पर 34 प्रतिशत और इंडोनेशिया पर 32 प्रतिशत आयात शुल्क लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट है कि भारत वियतनाम, चीन, इंडोनेशिया, बंगलादेश, श्रीलंका और म्यांमार जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अपेक्षाकृत अनुकूल स्थिति में है।”

मनोहर, उप्रेती

वार्ता

More News
जेएम फाइनेंशियल एसेट मैनेजमेंट लि. ने राइट्स निर्गम से जुटाए 100 करोड़ रुपये

जेएम फाइनेंशियल एसेट मैनेजमेंट लि. ने राइट्स निर्गम से जुटाए 100 करोड़ रुपये

04 Apr 2025 | 7:28 PM

मुंबई, 04 अप्रैल (वार्ता) जेएम फाइनेंशियल एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड ने शुक्रवार को कहा कि उसने राइट्स इश्यू के जरिए 100 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है। कंपनी की शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार यह पूंजी आंशिक रूप से भुगतान किए गए राइट्स इश्यू के जरिए जुटाई गयी है।

see more..
एलआईसी ने यूएसटीआर की आलोचना को गलत बताया, कहा- कोई खास फायदा नहीं मिलता

एलआईसी ने यूएसटीआर की आलोचना को गलत बताया, कहा- कोई खास फायदा नहीं मिलता

04 Apr 2025 | 7:23 PM

कोलकाता, 04 अप्रैल (वार्ता) बीमा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के एसआईसी को सरकार से खास फायदा मिलने के आरोप को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि वह पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी तरीके से काम करती है।

see more..
आरबीआई ने विदेशी व्यापार के लिए नए मसौदा विनियम और निर्देश जारी किए

आरबीआई ने विदेशी व्यापार के लिए नए मसौदा विनियम और निर्देश जारी किए

04 Apr 2025 | 6:12 PM

मुंबई, 04 अप्रैल (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना और सभी नियमों को एक ही दस्तावेज में समाहित करने के उद्देश्य से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत निर्यात और आयात के लिए नए मसौदा विनियम और निर्देश जारी किए हैं।

see more..