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आजमगढ़ में पुलिस हिरासत में मौत से आक्रोशित परिजनों ने की तोड़फोड़

आजमगढ़, 31 मार्च (वार्ता) उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस अभिरक्षा में युवक की मौत से आक्रोशित परिजनो ने सोमवार को यहां तोड़फोड़ की।
युवक को रविवार को छेड़खानी के आरोप में थाने के लाकप में बंद किया गया था। पुलिस अभिरक्षा में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की सूचना पर आज थाना परिसर में आक्रोशित नाराज परिजनों ने पुलिस वाहन को तोड़ डाला । चार-पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ पर नियंत्रण पाया। दलित युवक की इस मौत के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है जिसे देखते हुये पर्याप्त संख्या में कई थानों की पुलिस बल की तैनाती की गई है ।
जांच के बाद प्रथम दृष्टिया पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया है , मृतक के परिजनों व आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने पुलिस पर पिटाई कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने इस मामले में प्रथम दृष्टि या जांच के बाद थाना प्रभारी, एक सब इंस्पेक्टर व एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है । जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने पूरी घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दे दिए हैं । तरवां में थाने के सामने सड़क जाम करने वालों को समझा बुझाकर जाम को समाप्त करा दिया गया है । पुलिस ने तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कही है ।
पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा के अनुसार तरवा थाना क्षेत्र के उमरी पट्टी निवासी सनी कुमार के खिलाफ एक किशोरी पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इस मामले में किशोरी के परिजनों ने तरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायती पत्र में परिजनों ने आरोप लगाया कि 28 मार्च को दोपहर में किशोरी रास्ते से गुजर रही थी, तभी सनी कुमार ने मोबाइल पर तेज आवाज में अश्लील गाने बजाए और गलत इशारे किए। इससे परेशान होकर किशोरी ने थाने में शिकायत की थी।
पुलिस ने इस मामले में सनी कुमार को 30 मार्च रविवार को हिरासत में लिया था। लेकिन देर रात सनी ने थाने के बाथरूम में अपने पजामे के नाड़े से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर बाद जब गार्ड ने बाथरूम की खिड़की खोली और सनी का शव खिड़की पर लटका देख आला अधिकारियों को सूचना दी। इसकी सूचना जब परिजनों को मिली तो सनी के परिजन भी गावँ वालों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस कर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। ग्रामीणों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल शुरू कर दिया। बवाल की सूचना के बाद आला अधिकारियों सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। फिलहाल क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने दावा किया है कि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है । घटना की हर पहलू पर जांच कराई जा रही है मृतक के शरीर पर कोई भी निशान नहीं है ।
सं प्रदीप
वार्ता