राज्य » अन्य राज्यPosted at: Apr 3 2025 7:45PM तय समय से तीन दिन पहले ओडिशा विस का बजट सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगितभुवनेश्वर, 03 अप्रैल (वार्ता) ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र विपक्षी कांग्रेस और बीजू जनता दल(बीजद) के लगातार हंगामे और विरोध विरोध के कारण एक पखवाड़े तक कामकाज में गतिरोध के बीच आखिरकार गुरुवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।बारह घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक गुरुवार सुबह करीब साढ़े चार बजे राज्य विधानसभा में पारित हो गया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने तय समय से तीन दिन पहले सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी।बुधवार को सुबह 10.30 बजे शुरू हुई विधानसभा की कार्यवाही के दौरान ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक पर सुबह साढ़े चार बजे तक लंबी बहस चली।बजट सत्र 13 फरवरी को राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ और 2025-26 के लिए वार्षिक बजट 17 फरवरी को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा पेश किया गया। सत्र 21 फरवरी तक जारी रहा। तेरह दिनों के अवकाश के बाद सात मार्च को विधानसभा पांच अप्रैल तक कामकाज के लिए आहूत की गयी।सत्र का दूसरा चरण विशेष रूप से हंगामेदार रहा, जिसमें विपक्षी कांग्रेस और बीजद ने कई मुद्दे उठाए और लगभग 15 दिनों तक अधिकांश कार्यवाही को बाधित किया। कांग्रेस ने राज्य में भाजपा सरकार के नौ महीने के कार्यकाल के दौरान महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के विरोध में तख्तियां लेकर, काले कपड़े पहनकर, झांझ बजाकर और तुरही बजाकर सदन के अंदर अनोखे विरोध प्रदर्शन किए। वहीं बीजद ने सदन के अंदर शुरू में हंगामा किया और सरकार के इस फैसले का विरोध किया कि पंचायती राज दिवस 05 मार्च के बजाय 24 अप्रैल को मनाया जाये। बीजद ने अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आनुपातिक आरक्षण तथा नौकरियों और उच्च शिक्षा में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग की।अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने पहले कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बहिनीपति को सात कार्य दिवसों के लिए निलंबित कर दिया और बाद में सभी 14 कांग्रेस विधायकों को उसी अवधि के लिए निलंबित कर दिया। कांग्रेस ने 27 मार्च को राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की मांग करते हुए विधानसभा घेराव आंदोलन कार्यक्रम आयोजित किया और सभी 14 कांग्रेस विधायकों के निलंबन का विरोध किया। विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प के बाद लोअर पीएमजी स्क्वायर पर विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।पुलिस ने लाठीचार्ज किया, पानी की बौछारें छोड़ी और आंदोलनकारी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। हिंसक झड़प के दौरान कम से कम 15 पुलिसकर्मी और कई कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए, क्योंकि विरोध प्रदर्शन स्थल महात्मा गांधी मार्ग घंटों तक युद्ध के मैदान में बदल गया।अशोक,आशावार्ता