नयी दिल्ली, 03 अप्रैल (वार्ता) दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली सरकार लोगों को जल संकट की समस्या से निजात दिलाने के लिए अगले 50 साल के लिए जल प्रबंधन का मास्टर प्लान तैयार कर रही है।
श्री साहिब से गुरुवार को वज़ीराबाद बैराज, जलाशय, जल प्रशोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खुद पानी पीकर उसकी गुणवत्ता परखी और उस के बाद दिल्लीवासियों को आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय राजधानी में स्वच्छ और सुरक्षित जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा, “मैंने ट्रीट किया हुआ पानी को पिया और उसकी गुणवत्ता जांची। यह पूरी तरह सुरक्षित और पीने योग्य है। हमने जनता को भ्रमित करने या डराने की राजनीति के बजाय, ज़मीनी स्तर पर ठोस काम किया है और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर नागरिक को स्वच्छ पानी मिले।”
उन्होंने पूर्ववर्ती अरविंद केजरीवाल सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “मैंने किसी के घर में जाकर 20 लीटर की बिसलेरी की बोतल रखकर दिखावा नहीं किया। मैंने डब्ल्यूटीपी में जाकर वही पानी पिया, जो हर घर में आपूर्ति हो रहा है। हम पारदर्शी तरीके से दिल्लीवासियों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
जल मंत्री ने बताया कि वज़ीराबाद बैराज की जल भंडारण क्षमता को अगले डेढ़ महीने में दोगुना किया जाएगा, जिससे गर्मियों के दौरान भी दिल्ली में जल आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने इस मुद्दे पर केवल बयानबाजी की, लेकिन उनकी सरकार जलाशय की खुदाई और विस्तार जैसे ठोस कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि यमुना में बढ़ते प्रदूषण और अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी ) ने भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी से अनुरोध किया है कि यमुना में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो और कोई कूड़ा-कचरा न डाले, इसके लिए निगरानी को और कड़ा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में जल प्रबंधन अब तक केवल फायर फाइटर मोड में था, जहाँ कोई समस्या आई, वहीं अस्थायी समाधान किया गया, लेकिन अब सरकार 50 साल की दीर्घकालिक योजना पर काम कर रही है, जिससे पाइपलाइन लीकेज, जल संरक्षण और जल वितरण प्रणाली को पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में पानी की बड़ी समस्या पुरानी पाइपलाइनों और घरों में लगे मोटरों की वजह से बनी लीकेज है, जिससे अनावश्यक जल हानि हो रही है। अभी तक दिल्ली में कोई मास्टर प्लान नहीं था, लेकिन अब इसे वैज्ञानिक तरीके से बनाया जा रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट जैसी स्थिति ही न बने।
जल मंत्री ने बताया कि वज़ीराबाद बैराज से आने वाले पानी का टीडीएस स्तर 170 पाया गया, जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और भारतीय मानकों के अनुसार पूरी तरह सुरक्षित है। सभी जलशोधन संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
संतोष,आशा
वार्ता