राज्य » गुजरात / महाराष्ट्रPosted at: Apr 5 2025 7:58PM फडणवीस ने पुणे में भिसे परिवार से की मुलाकात, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दियापुणे, 05 अप्रैल (वार्ता) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कथित तौर पर दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल की ओर से इलाज से इनकार किये जाने के कारण जान गंवाने वाली गर्भवती महिला तनीषा भिसे के परिवार से शनिवार को यहां मुलाकात की और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि कथित तौर पर दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल प्रशासन की ओर से पैसे के मुद्दे पर इलाज से इनकार करने के बाद तनिषा की मौत हो गई थी। यह घटना सामने आने के बाद श्री फडणवीस ने घटना के मामले का संज्ञान लेने के लिए एक समिति गठित की है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत में शुक्रवार को हुई इस घटना को असंवेदनशील करार दिया और कहा कि अस्पताल को अपनी गलती सुधारनी होगी।उन्होंने कहा, “अगर वे इस गलती को सुधारने की कोशिश करते हैं, तो हमें खुशी होगी। जब तक समिति की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इस पर बात करना उचित नहीं होगा।” अस्पताल के बाहर विभिन्न दल और संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पर श्री फडणवीस ने कहा कि अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी का महिला मोर्चा भी अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन में शामिल है, तो भी यह गलत है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस मामले में अस्पताल के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्री फडणवीस ने कहा, “अब स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार किया जाएगा, ताकि पता चल सके कि अस्पताल में कितने बेड हैं और उन्हें जरूरतमंदों को मुहैया कराया जा रहा है या नहीं। इस प्रणाली को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य प्रकोष्ठ से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के प्रयास किये जाएंगे और इसके लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने का काम चल रहा है। यह पूरी चैरिटी प्रणाली को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने का हमारा प्रयास है।”इस बीच, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संदीप खारडेकर ने श्री फडणवीस को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया कि राज्य सरकार को भिसे के जुड़वा बच्चों के इलाज का पूरा खर्च उठाये। उन्होंने ने राज्य के सभी धर्मार्थ अस्पतालों का ऑडिट कराने की भी मांग की।गौरतलब है कि दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ने एडवांस पैसे जमा कर पाने में असमर्थ रहने के कारण तनीषा को भर्ती करने से मना कर दिया था, जिसके बाद इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गयी। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया है।यामिनीवार्ता