कोलंबो/नई दिल्ली, 05 अप्रैल (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलंबो यात्रा के दौरान भारत, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात ने त्रिंकोमाली को ऊर्जा केंद्र बनाने के लिए आज कोलंबो में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
भारत और श्रीलंका ने उच्च वोल्टेज डायरेक्ट करंट इंटरकनेक्शन के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे बिजली का निर्यात और आयात संभव होगा। केबल पर कई वर्षों से काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिंकोमाली और भारत के बीच नियोजित बहु-उत्पाद ईंधन पाइपलाइन का भी उल्लेख किया।
त्रिंकोमाली में द्वितीय विश्व युद्ध के समय के 99 टैंक हैं, जिनमें से कुछ का उपयोग पहले से ही भारतीय तेल निगम की श्रीलंका इकाई द्वारा किया जा रहा है तथा सीलोन पेट्रोलियम निगम ने कुछ टैंक अपने उपयोग के लिए आवंटित किए हैं।
बाकी टैंकों का प्रबंधन एक संयुक्त उद्यम कंपनी करेगी। श्रीलंका ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि त्रिंकोमाली में एक तेल रिफाइनरी बनाई जाए।
एमओयू के बारे में विस्तार से बताते हुए भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा: “यह भारत, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात के बीच एक एमओयू है। वर्तमान समय में, जिस तरह से इसे संरचित किया गया है, यह एक सरकार-से-सरकार एमओयू है, जिसका उद्देश्य सक्षम ढांचा प्रदान करना और इस सहयोग के लिए संदर्भ की कुछ व्यापक शर्तें निर्धारित करना है।”
सैनी
वार्ता