राज्य » गुजरात / महाराष्ट्रPosted at: Apr 5 2025 9:10PM मुस्लिम संगठनों ने वक्फ विधेयक पर उद्धव ठाकरे के कदम को सराहामुंबई, 05 अप्रैल (वार्ता) अखिल भारतीय उलेमा बोर्ड के नेतृत्व में विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित होने और कानून बनने के कुछ दिनों बाद इसे लेकर गंभीर चिंता जताई है। साथ ही उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा इसका विरोध करने के रुख का स्वागत किया है। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव अल्लाम बोनई नईम हसनी और कई अन्य मुस्लिम संगठनों, नेताओं, विद्वानों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा, “विधेयक को पहली बार पिछले साल अगस्त में संसद में पेश किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों द्वारा मुद्दे उठाए जाने के बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया था। जो संस्करण पारित किया गया है, उसमें तीखी मतभेद वाली समितियों द्वारा सुझाए गए कई बदलाव शामिल हैं। अब, यह संसद में पारित हो गया है।” उन्होंने कहा कि एक बार राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। वक्फ संपत्तियों में मस्जिदें, मदरसे, आश्रय गृह और मुसलमानों द्वारा दान की गई हजारों एकड़ जमीन शामिल हैं, जिनका प्रबंधन बोर्ड करते हैं। उनके अनुसार, ठाकरे ने इसका विरोध करके सही रुख अपनाया है, क्योंकि अब वक्फ अधिकारियों के नियंत्रण वाली जमीन को अन्य उद्देश्यों के लिए छोड़ा जा सकता है। नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संस्था को कमजोर करना और उसे अप्रभावी बनाना है।”सैनी.संजय वार्ता