आंध्र प्रदेश : चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने उत्तरी जिलों में मचाई तबाही, दो लोगों की मौत

विजयवाड़ा, 28 अक्टूबर (वार्ता) चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश के उत्तरी जिलों में भीषण तबाही मचाई है। सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं तथा सड़कों और रेलवे ट्रैकों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इस दौरान पेड़ और बिजली का खंभा गिरने से दो लोगों की मौत होने की सूचना है। चक्रवाती तूफान के आज सुबह नरसपुरम और यानम के बीच तट से टकराया और इसके बाद संयुक्त पश्चिम गोदावरी, पूर्व गोदावरी, विशाखापट्टनम, विजयनगरम, कृष्णा और श्रीकाकुलम जिलों में भारी तबाही हुई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पश्चिम गोदावरी (डब्ल्यूजी) जिले के भीमावरम स्थित चर्च सेंटर में एक विशाल पेड़ के उखड़कर गिरने से चोक्का किशोर (45) और इसी शहर के एक बिजली का खंभा गिरने से रामबाबू (34) की जान चली गई।
कोलकाता-चेन्नई राजमार्ग सहित जिलों की सड़कों पर नारियल के पेड़ों समेत सैकड़ों पेड़ उखड़कर गिर गए, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। विशाखापट्टनम जिले में कोथावलासा और किरंदुल के बीच रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते इस मार्ग पर ट्रेनें रद्द कर दी गईं। विशाखापट्टनम में कई स्थानों पर होर्डिंग्स गिर गए, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। विशाखापट्टनम, गाजूवाका, चोडावरम और विजयनगरम जिलों की कई आवासीय कॉलोनियों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। आज सुबह तटीय आंध्र प्रदेश के जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
अधिकारियों ने बताया कि इन जिलों में 391 इलेक्ट्रिक फीडर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और सैकड़ों बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जिससे बिजली ठप होने के कारण सैकड़ों कॉलोनियां अंधेरे में डूब गई हैं। कुछ स्थानों पर लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अधिकारी अभी कुल नुकसान का सटीक आकलन नहीं कर पाए हैं। इन जिलों में हजारों एकड़ में लगी धान, केला, कपास और मक्का जैसी फसलें तबाह हो गई हैं। बुधवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया है कि काकीनाडा के पास उप्पड़ा तट पर ऊंची लहरों और तटीय कटाव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों को फसलों के नुकसान का तेजी से आकलन करने, किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने, फसल बहाली को प्राथमिकता देने और पात्र किसानों को समय पर सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का ध्यान सार्वजनिक सुरक्षा, त्वरित बहाली और समन्वित राहत उपायों पर है और सभी संबंधित विभाग चक्रवात के प्रभाव से निपटने के लिए काम कर रहे हैं।
आलम, मधुकांत वार्ता

