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आपराधिक मामलों में उच्च न्यायालय सख्त, 90 दिन की आरोप पत्र से पहले एफएसएल रिपोर्ट जरूरी, जांच में देरी पर जताई चिंता

नैनीताल, 26 सितंबर (वार्ता) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आपराधिक मामलों की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों और समयबद्ध जांच को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दुष्कर्म, पॉक्सो, एनडीपीएस और अन्य जघन्य अपराधों में चार्जशीट दाखिल करने की निर्धारित अवधि के भीतर फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट उपलब्ध होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्य ट्रायल के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए एफएसएल रिपोर्ट में देरी नहीं होनी चाहिए। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ ने आनंद प्रकाश धवन व अन्य बनाम राज्य सरकार मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस और गृह विभाग की ओर से…

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कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
उत्तराखंड न्यायालय आरोप पत्र
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
26/09/26 07:55
पिछला अपडेट
26/09/26 07:55
स्थान
India