एक्सक्लूसिव ख़बरें और डेटा, जो मार्केट प्रोफेशनल्स को रखते हैं सबसे आगे। 09/09/26 18:26

उत्तराखंड के विकास में मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान का व्यापक योगदान

देहरादून 09 मई (वार्ता) देवभूमि उत्तराखंड के विकास में जहां केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभाग अपना योगदान दे रहे हैं, वहीं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (आईसीएआर-आईआईएसडब्ल्यूसी) का योगदान भी कमतर नहीं है। यदि कहा जाय कि सभी निर्माण सम्बन्धी विकास परियोजनाओं में इस विभाग की पहली और सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। शनिवार को देहरादून स्थित आईआईएसडब्ल्यूसी के मुख्यालय में इससे संबंधित जानकारी महानिदेशक डॉ भगवती प्रसाद भट्ट ने साझा की। उन्होंने बताया कि आईआईएसडब्ल्यूसी की स्थापना 01 अप्रैल 1974 को हुई थी। इसके आठ अनुसंधान केंद्र पूरे भारत में फैले हुए…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
उत्तराखंड मृदा जल संरक्षण
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
,
प्रकाशित तिथि
09/05/26 00:00
पिछला अपडेट
09/05/26 00:00
स्थान
India