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जाने-माने पुरातत्ववेत्ता ने पुराने ग्रंथों के तुरंत पाठ-संपादन की वकालत की

भुवनेश्वर, 16 मई (वार्ता) ओडिशा में जाने-माने पुरातत्ववेत्ता डॉ. सुब्रत कुमार आचार्य ने भारत की पुरानी पांडुलिपियों के विशाल भंडार के व्यवस्थित पाठ-संपादन की तुरंत जरूरत पर बल देते हुए कहा कि देश की साहित्यिक संपदा का एक बड़ा हिस्सा अभी भी अन्वेषण से अछूता है। डॉ. आचार्य ने भुवनेश्वर में एसओए डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी में पाठ-संपादन पर एक सप्ताह तक चलने वाली कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की समृद्ध साहित्यिक परंपरा, खासकर संस्कृत महाकाव्यों और पुराने ग्रंथों का विद्वानों के लिए बहुत अहमियत रखता है लेकिन अब तक उपलब्ध पाठ में से…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
ओडिशा प्राचीन ग्रंथ संपादन
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
,
प्रकाशित तिथि
16/05/26 12:33
पिछला अपडेट
16/05/26 12:33
स्थान
India