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वैश्विक मत्स्य पालन को बचाने में एआई, उपग्रह और रियल-टाइम डेटा की भूमिका अहम

कोच्चि, 05 नवंबर (वार्ता) समुद्री वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन,समुद्र के बढ़ते तापमान, समुद्री हीटवेव, मछलियों की आबादी में बदलाव, कोरल ब्लीचिंग और हानिकारक एल्गल ब्लूम (शैवाल का अत्यधिक प्रसार) जैसी समस्याएं समुद्री जैव विविधता, मत्स्य पालन और तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की आजीविका के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं। यह चेतावनी कोच्चि में आईसीएआर-सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमएफआरआई) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'ट्रेवर सफारी' - रिमोट सेंसिंग इमेजरी' के उद्घाटन सत्र में दी गई। विशेषज्ञों ने एक ऐसे वैश्विक और तकनीक-आधारित निगरानी नेटवर्क की जरूरत पर जोर दिया है,…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
केरल जलवायु दबाव
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
05/11/26 08:18
पिछला अपडेट
05/11/26 08:18
स्थान
India