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चोरबागान हादसा : 19 लोगों की मौत, 24 घायलों का इलाज जारी

चोरबागान हादसा : 19 लोगों की मौत, 24 घायलों का इलाज जारी

कोलकाता, 18 अक्टूबर (वार्ता) पश्चिम बंगाल में हुए चोरबागान हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और हादसे में घायल 24 लोगों का इलाज चल रहा है।

इस घटना के बाद राज्य सरकार ने कोलकाता के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और सुरक्षा उपायों की सिफारिश करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार रात इस टीम का गठन किया, जिसमें राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव राजेश सिंह, दमकल सेवा महानिदेशक अनुज शर्मा और स्पेशल टास्क फोर्स के अतिरिक्त महानिदेशक जावेद शमीम शामिल हैं। यह टीम कोलकाता पुलिस के सहयोग से शहर के लोकप्रिय पूजा पंडालों का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्य गृह सचिव संघमित्रा घोष को सौंपेगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) इस टीम का मार्गदर्शन करेंगे।

श्री अधिकारी ने कहा कि पूजा कमेटियों को इस टीम की सिफारिशों का पालन करना होगा। यदि किसी पंडाल का ढांचा असुरक्षित पाया जाता है या उसके गिरने का जोखिम रहता है, तो आयोजकों को उत्सव को केवल पुरोहितों द्वारा संपन्न कराए जाने वाले पूजा अनुष्ठानों तक ही सीमित रखना पड़ सकता है। पंडालों के बाहर एलईडी स्क्रीन लगाई जा सकती हैं, ताकि दर्शक परिसर में प्रवेश किए बिना कार्यक्रम देख सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा, "यदि आवश्यक हो, तो केवल पुरोहित द्वारा अनुष्ठान संपन्न कराते हुए पूजा करें। यदि ढांचा क्षतिग्रस्त है या गिर सकता है तो पूजा के बाद कार्यक्रम रोक दें। बाहर एलईडी स्क्रीन लगाएं, ताकि लोग अंदर होने वाले कार्यक्रम देख सकें।" श्री अधिकारी ने लोगों से अगले दो से तीन दिनों तक सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस त्रासदी के मद्देनजर सभी पूजाओं को बंद नहीं किया जा सकता है।उन्होंने पूजा कमेटियों से भी सहयोग का आग्रह किया।

श्री अधिकारी ने मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया कि घटना की जांच की जाएगी और अधिकारी यह पता लगाएंगे कि व्यवस्थाओं के लिए कौन जिम्मेदार था। जांच के हिस्से के रूप में सीसीटीवी फुटेज भी जुटाए जाएंगे।हादसे की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री शनिवार रात कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की और उसके बाद रात में ही चोरबागान स्थित दुर्घटना स्थल का दौरा किया।

अष्टमी, नवमी और दशमी के दिन अभी बाकी हैं, इसलिए पुलिस और प्रशासन त्योहार के शेष दिनों में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम उठा रहा है। कोलकाता के कई पंडालों में उम्मीद से ज्यादा भीड़ देखी जा रही है और प्रशासन किसी भी कमी की पहचान कर उसे दूर करने का काम करेगा। हादसे के बाद राज्य सरकार ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 शुरू किया है। इस बीच पुलिस ने पूजा कमेटी के 12 सदस्यों को हिरासत में लिया और शनिवार रात से उनसे पूछताछ शुरू कर दी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि एक न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) इस हादसे की जांच करेगा। इस टीम में स्पेशल टास्क फोर्स और सीआईडी (आपराधिक जांच विभाग) जैसी एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे। श्री अधिकारी ने कहा कि वह जांच की अगुवाई के लिए एक न्यायाधीश की नियुक्ति का अनुरोध करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी घुगे को पत्र लिखेंगे।

एसआईटी इस त्रासदी का कारण पता लगाने के लिए चश्मदीदों के बयानों की जांच करेगी और घटना के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेगी।राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को समूह 'घ' (ग्रुप डी) की सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।

सरकार घायलों का चिकित्सा खर्च भी उठाएगी और प्रत्येक घायल व्यक्ति को पांच लाख रुपये देगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने अलग से घोषणा करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को दो लाख रुपये और प्रत्येक घायल व्यक्ति को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

आलम जितेन्द्र वार्ता

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टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
कोलकाता चोरबागान हादसा
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
18/10/26 06:13
पिछला अपडेट
18/10/26 06:13
स्थान
India