देवी-देवताओं का अपमान करने वालों के खिलाफ पतंजलि दर्ज कराएगा मुकदमा : स्वामी रामदेव

मालाग्राम (पौड़ी) 06 नवंबर (वार्ता) उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित मालागांव में शुक्रवार को योग गुरु स्वामी रामदेव ने सनातन धर्म, देवी-देवताओं और अवतारी महापुरुषों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कानूनी कार्यवाही करने की घोषणा की।
स्वामी रामदेव ने कहा कि भगवान राम, कृष्ण और हनुमान सहित अन्य देवी-देवताओं का उपहास उड़ाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पतंजलि में विशेष टीम गठित की जाएगी। जिले में चार से छह नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय समापन समारोह में हर्बल कुंभ में जड़ी-बूटी, कृषि, आयुर्वेद, जैव विविधता, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक मंच पर लाने का सार्थक प्रयास किया गया।
आयोजकों ने हर्बल कुंभ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के संकल्प के साथ अगले वर्ष अक्टूबर में इसे और व्यापक स्वरूप में आयोजित करने की घोषणा की। समापन समारोह में स्वामी रामदेव ने सनातन धर्म और देवी-देवताओं के विरुद्ध की जा रही कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि भगवान राम, कृष्ण, हनुमान और अन्य अवतारी महापुरुषों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करने वालों को अब कानूनी रूप से जवाब देना होगा। स्वामी रामदेव ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी की आस्था और आराध्यों का अपमान करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को अनुचित बताते हुए कहा कि सभी धर्मों, आस्थाओं और महापुरुषों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के आराध्य के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का आवरण ओढ़कर बैठे लोगों को भी बेनकाब करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने सभी धर्मों के प्रति उदारता और सम्मान का संदेश देते हुए कहा कि किसी को किसी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए और न ही किसी का अनादर करना चाहिए। स्वामी रामदेव ने श्री धन्वंतरि धाम के निर्माण और विकास में आचार्य बालकृष्ण के योगदान की विशेष सराहना की।
उन्होंने कहा कि आचार्य बालकृष्ण ने पिछले पांच वर्षों से अखंड पुरुषार्थ किया है और यह स्थान अब उनकी कर्मस्थली और तपस्थली बन चुका है। धन्वंतरि धाम तक पहुंचने वाले रास्तों से लेकर यहां लगाए गए पेड़-पौधों तक में उनका समर्पण और पुरुषार्थ दिखाई देता है। आचार्य बालकृष्ण ने हर्बल कुंभ को भव्य, दिव्य और आनंदमय आयोजन बताते हुए इसमें शामिल अतिथियों, विशेषज्ञों, किसानों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
महोत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने मालागांव में योगाभ्यास के साथ की। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्मा और साध्वियां उपस्थित रहीं।
सं उप्रेती वार्ता

