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मोदी ने तमिलनाडु में 13,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ

मोदी ने तमिलनाडु में 13,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ

चेन्नई, 11 अक्टूबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु की राजधानी में रेलवे, बंदरगाह, राजमार्ग, पेट्रोलियम और वैज्ञानिक अनुसंधान सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी 13,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पण और शिलान्यास किया।

दिल्ली से यहां पहुंचे श्री मोदी का हवाई अड्डे पर राज्यपाल आर वी आर्लेकर, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय, राज्य के मंत्रियों, भाजपा नेताओं और राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रही अन्नाद्रमुक के प्रमुख नेताओं ने स्वागत किया। स्वागत करने वालों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी प्रमुख रूप से शामिल रहे। प्रधानमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत मुख्यमंत्री के साथ चेन्नई मेट्रो ट्रेन में सफर करके की। मई में मुख्यमंत्री बनने के बाद श्री विजय पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा कर रहे थे।

दोनों नेताओं ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के चरण-दो के पहले 14.64 किलोमीटर लंबे हिस्से के तहत आने वाले पोरूर बाइपास स्टेशन से पूनमल्ली बाइपास स्टेशन तक और वहां से वापस मेट्रो की सवारी की। इसके बाद उन्होंने करीब 4,900 करोड़ रुपये की लागत से बने मेट्रो परियोजना के चरण-दो के पूनमल्ली-वडपलनी हिस्से का उद्घाटन किया। इस पूरे मार्ग में 3.7 किलोमीटर लंबा एक अनोखा डबल-डेकर ढांचा शामिल है। इसके अलावा इसमें बिना ड्राइवर के ट्रेन परिचालन का समर्थन करने वाली अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली भी मौजूद है। इस नये मार्ग से दैनिक यात्रियों के समय की बचत होगी और तेजी से विकसित हो रहे चेन्नई के पश्चिमी उपनगरों का मुख्य शहर से संपर्क और बेहतर होगा।मेट्रो सफर के बाद वे सड़क मार्ग से आईआईटी-मद्रास पहुंचे, जहां उन्होंने जलकंडेश्वर मंदिर में दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की।

इसके बाद उन्होंने आईआईटी-मद्रास के 'ब्रेन सेंटर' का दौरा किया, शीर्ष 10 स्टार्टअपों के संस्थापकों से बातचीत की और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले और दिव्यांग बच्चों से मुलाकात की। बाद में आयोजित एक जनसभा में प्रधानमंत्री ने 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण किया। इनमें चेन्नई मेट्रो के चरण-दो का पहला हिस्सा, राष्ट्रीय राजमार्ग 744 (एनएच-744) और 744ए की फोर-लेन परियोजना, चेन्नई, वीओसी एवं कामराजर बंदरगाहों की प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं और पलानी, नमक्कल, परमकुडी, अंबासमुद्रम तथा वेल्लोर छावनी में पुनर्विकसित किये गये पांच अमृत भारत रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने एनएच-83 पर फोर-लेन तिरुवारूर बाइपास के निर्माण, दक्षिणी तिरुनेलवेली जिले के ओट्टापिडारम, अनुप्पनकुलम और कयाथारू में 250 मेगावाट/500 मेगावाट की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (बीईएसएस) तथा चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की मनाली रिफाइनरी में ग्रुप दो/तीन ल्यूब ऑयल बेस स्टॉक्स (एलओबीएस) परियोजना की आधारशिला रखी।

श्री मोदी ने कराईकल-पेरलम रेल लाइन और कोयंबटूर में तीन रेलवे ओवर ब्रिज भी देश को समर्पित किए और ब्रेन एटलस और '100 ह्यूमन ब्रेन्स' मिशन की घोषणा की, जिसका मकसद इंसानी ज़िंदगी और बीमारियों के बारे में 3डी ब्रेन एटलस का सेल-रिज़ॉल्यूशन आम जनता की पहुंच में लाना, तंत्रिका विज्ञान अनुसंधान को आगे बढ़ाना और स्ट्रोक समेत ब्रेन डिसऑर्डर के बारे में नयी जानकारी देना है। आईआईटी मद्रास में सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर को समर्पित करने के साथ ही एक ग्लोबल साइंटिफिक मिशन की शुरुआत हुई, जिसके तहत 100 से ज़्यादा इंसानी दिमागों को सेलुलर रिज़ॉल्यूशन पर थ्री-डायमेंशनल एटलस में मैप किया जाएगा, जिसमें भ्रूण से लेकर बुजुर्गावस्था तक की इंसानी ज़िंदगी शामिल होगी।

इस पहल का मकसद इंसानी दिमाग की वैज्ञानिक समझ को गहरा करना और तंत्रिका विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान क्षमताओं को मज़बूत करना है। प्रधानमंत्री ने सी-स्ट्रोक भी रिलीज़ किया, जिसे एक पायनियरिंग ह्यूमन इस्केमिक स्ट्रोक एटलस बताया गया है, जिसमें स्ट्रोक से प्रभावित दिमाग के 1,000 से ज़्यादा एनोटेटेड माइक्रोस्कोपिक सेक्शन हैं। उम्मीद है कि यह रिसोर्स दुनिया भर के अनुसंधानकर्ताओं को स्ट्रोक के कार्यप्रणाली की जांच करने और संभावित नये थेराप्यूटिक टारगेट की पहचान करने में मदद करेगा। ब्रेन-मैपिंग मिशन और स्ट्रोक एटलस मिलकर एडवांस्ड रिसर्च रिसोर्स तक पहुंच बढ़ाएंगे और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और संभावित इलाज पर स्टडीज़ में मदद करेंगे।

पूनमल्ली-पोरुर मेट्रो स्ट्रेच से यात्रा का समय सिर्फ़ 20 मिनट रह जाएगा, जबकि पोरुर से वडापलानी तक मेट्रो से 18 मिनट लगेंगे, जिससे समय बचेगा। मनाली रिफाइनरी में यह प्रोजेक्ट देश की वर्ल्ड-क्लास, हाई परफॉर्मेंस लुब्रिकेंट बनाने की क्षमता को बढ़ाएगा। रेलवे परियोजनाओं से रेलवे की क्षमता और संचालन क्षमता बढ़ेगी, साथ ही पर्यटन और स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनायें दक्षिणी तमिलनाडु में संपर्क को मजबूत करेंगे और पोर्ट इंफ्रा प्रोजेक्ट्स का मकसद ट्रेड को बढ़ावा देना, कार्गो मूवमेंट और जन सुविधाओं को बेहतर बनाना है, साथ ही साफ, सुरक्षित और ज्यादा पर्यावरण अनुकूल बंदरगाह संचालन को बढ़ावा देना है।

लोगों को संबोधित करने के बाद, श्री मोदी ने नयी दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले नंदंबक्कम में चेन्नई ट्रेड सेंटर में जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल के गोल्डन जुबली समारोह में शामिल होकर अपना दौरा खत्म किया।

आलम/श्रवण वार्ता

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यूआरएल स्लग:
तमिलनाडु मोदी परियोजनाएं
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
11/10/26 10:11
पिछला अपडेट
11/10/26 10:11
स्थान
India