लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर देश में अराजकता फैला रहे हैं राहुल गांधी: भाजपा

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक विरोध की आड़ में देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है।
भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आज गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री गांधी 'राजनीतिक प्रतिरोध' का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनका मकसद लोकतांत्रिक विरोध करना नहीं, बल्कि अराजकता की आड़ में भारत के लोकतंत्र को तहस-नहस करना है। उन्होंने आल इंडिया स्टुडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा वोहरा के बंगलादेश जैसे आंदोलन संबंधी बयान और वरिष्ठ वकील श्री प्रशांत भूषण की क्रांति तथा खून-खराबे की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के विरुद्ध साजिश बताया।
उन्होंने कहा, ''श्री गांधी ने जब अपना अराजक मार्च निकाला था, तब नेहा वोहरा को उसका चेहरा बनाया था। इसका मतलब है कि नेहा वोहरा के विचार भी वही हैं, जो श्री गांधी के हैं। नेहा वोहरा ने कल एक साक्षात्कार में कहा कि यह आंदोलन बंगलादेश के आंदोलन से प्रेरित है। जिस तरह बंगलादेश में हुआ, ठीक वैसा ही वे चाहते हैं कि हिंदुस्तान में भी हो। ये शब्द नेहा वोहरा के हैं, लेकिन विचार श्री गांधी के हैं। एक तरफ श्री गांधी नेहा वोहरा को अपने साथ जोड़कर उन्हें अपने आंदोलन का चेहरा बना रहे हैं, तो दूसरी तरफ वही नेहा वोहरा कह रही हैं कि वे भारत में बंगलादेश जैसा अराजक जेन-जी आंदोलन चाहते हैं।''
श्री भंडारी ने कहा कि इन सभी बातों का एक ही प्रमाण है कि आज यह साबित हो चुका है कि राहुल गांधी अराजकतावादी हैं। आत्मचिंतन करने के बजाय वह अपने पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से अराजकता को बढ़ावा दे रहे हैं, उसका समर्थन कर रहे हैं और उसे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा, "देश की जनता बार-बार मतपत्र के जरिए उन्हें जवाब दे रही है और 'अराजकता को ना' कह रही है और भाजपा का उद्देश्य स्पष्ट है कि 'अराजकता को ना, लोकतंत्र को हां! श्री गांधी को ना, परिवारवाद को ना, !" उन्होंने कहा कि आज देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई हो रही है। एक तरफ श्री गांधी और उनका पारिस्थितिकी तंत्र है, जो भारत में बंगलादेश जैसी स्थिति चाहता है और भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठाना चाहता है। दूसरी तरफ भारत की जनता है।
संतोष, मधुकांत वार्ता

