केवड़िया में एकता परेड का निरीक्षण, वन क्षेत्र का भ्रमण किया मोदी ने

एकता नगर (गुजरात), 31 अक्टूबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं कुशल प्रशासक लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस पर शनिवार को गुजरात में केवड़िया के एकता नगर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, सदाबहार वन क्षेत्र का भ्रमण किया और बोनसाई (वामन वृक्ष) वाटिका देखी तथा शाम को भव्य एकता परेड का निरीक्षण किया।
श्री मोदी दो दिन के दौरे पर शुक्रवार से गुजरात में हैं। इस दौरे के आखिरी दिन उन्होंने देश के प्रथम उप-प्रधानमंत्री सरदार पटेल की जयंती पर एकता नगर का दौरा किया। केवड़िया में एकता नगर, आजादी के समय देश भर में फैली रियासतों को एकता के सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लौहपुरुष सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के लिए प्रसिद्ध है।
एकता नगर के वन क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ' केवड़िया में एकता नगर के 'रेनफॉरेस्ट' में आपका एक शानदार अनुभव इंतज़ार कर रहा है! यहाँ की हरियाली और प्रकृति की सुंदरता में खो जाएँ।" श्री मोदी ने कहा, ' यहाँ का 'स्काईवॉक' एक खास आकर्षण है, जो आपको एक अनोखा अनुभव देगा। यहाँ से भव्य 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के अद्भुत नज़ारों का आनंद लें। केवड़िया में बोनसाई की एक दिलचस्प दुनिया मौजूद है।" प्रधानमंत्री ने बोनसाई वाटिका के बारे में कहा, 'एकता नगर स्थित 'वामन वृक्ष वाटिका' की यात्रा बहुत सुखद रही। यहाँ बोनसाई का बेहतरीन कलेक्शन, थीम वाले गार्डन और शांत माहौल है, जो प्रकृति की सुंदरता और रचनात्मकता को सराहने के लिए एक शानदार जगह है। यहाँ की एक और खास बात यह है कि यहाँ आने वाले लोग 'अपना खुद का बोनसाई बनाने' का अनुभव भी ले सकते हैं।"
श्री मोदी ने शाम को स्टैच्यू ऑप यूनिटी के पास आयोजित एक भव्य ' एकता परेड' की सलामी ली। इस परेड में सशस्त्र बलों की टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। श्री मोदी ने आज राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के केवड़िया स्थित विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का अदम्य साहस, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव देशवासियों को एकता, अखंडता और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।
मनोहर, मधुकांत वार्ता

