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बनासकांठा में 14 हजार करोड़ की परियोजनाएं, किसान निधि की 18 हजार करोड़ की किस्त, मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना

बनासकांठा में 14 हजार करोड़ की परियोजनाएं, किसान निधि की 18 हजार करोड़ की किस्त, मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना

बनासकांठा, 30 अक्टूबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया।

श्री मोदी ने महिलाओं, बच्चों, किसानों और पशुपालकों के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की। साथ ही, देशभर के करोड़ों छोटे किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की नयी किस्त भी जारी की। इस किस्त में देश के करीब 10 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक भेजे गये हैं। गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा और बनासकांठा के लाखों किसान परिवारों को करीब 50 करोड़ रुपये मिले हैं। प्रधानमंत्री ने किसी विपक्षी दल या नेता का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि कुछ लोग खाद और रसोई गैस की कमी को लेकर अफवाहें फैलाकर देश में डर और अफरा-तफरी का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा," आज देश का हर किसान, हर नौजवान, हर बहन-बेटी विकसित भारत बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोगों को ये अच्छा नहीं लग रहा, और ये ऐसे लोग हैं, जो देश को मुश्किल में देखना चाहते हैं। देश में संकट हो, तो उनको आनंद मिलता है। जब देश पर संकट आते हैं, तो इनको खुशी मिलती है।" उन्होंने कहा कि इसका ताज़ा उदाहरण ईरान और खाड़ी देशों के आसपास चल रहे युद्ध से उत्पन्न स्थिति है। उन्होंने कहा," भारत, जब एकजुट होकर इसका सामना करने में जुटा है, तब ये लोग अफवाहें फैलाने में लगे रहें, अफवाहें फैलायी गयी, किसानों को खाद के लिए डराया गया, खाद नहीं मिलेगा, कतारें लगा दी आर्टिफीसियल , वातावरण बिगाड़ दिया। बहनों को डरा दिया, अब गैस नहीं मिलने वाला, खाना कैसे पकाओगे, बच्चे स्कूल कैसे जायेंगे। इनका प्लान देश में अफरा-तफरी फैलाने का था, ताकि ये मोदी को बदनाम कर सकें।"

श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने युद्ध के बावजूद देश में किसानों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि दुनिया में यूरिया की बोरी 3 हजार रुपये में मिल रही है, जबकि भारत के किसानों को यह 300 रुपये से कम में दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना से अधिक हो गया है। सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण और उन्हें सशक्त बनाने को प्राथमिकता दी है। पिछले वर्षों में सरकार की पांच प्रमुख योजनाओं और फैसलों से किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है या उनकी बचत हुई है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये छोटे किसानों के खातों में पहुंचे हैं। खाद पर सब्सिडी के लिए सरकार ने करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किये हैं। पिछले 12 वर्षों में गेहूं और धान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 24 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा मिला है। वहीं, पीएम कुसुम योजना के तहत करीब 12 लाख सोलर पंप दिये गये हैं। इससे किसानों की बिजली और डीजल पर होने वाली लागत कम हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेती को विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जोड़ने के लिए कई कदम उठाये गये हैं। अब तक किसानों को 26 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिये गये हैं। इससे उन्हें खेत की मिट्टी के अनुसार खाद के इस्तेमाल की जानकारी मिलती है। बदलते मौसम को देखते हुए बीते वर्षों में बीजों की करीब तीन हजार नई किस्में भी किसानों को उपलब्ध करायी गयी हैं।

श्री मोदी ने कहा कि पशुपालन और डेयरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। पशुओं की नस्ल सुधारने, समय पर इलाज और टीकाकरण से दूध उत्पादन और पशुपालकों की कमाई बढ़ सकती है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देशी नस्लों के संरक्षण और वैज्ञानिक प्रजनन को बढ़ावा दिया जा रहा है। बनासकांठा में बना नया रिसर्च सेंटर इस काम को आगे बढ़ायेगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि खुरपका और मुंहपका बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए देशभर में मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया गया है। अब तक करीब 150 करोड़ टीके लगाये जा चुके हैं और आठ करोड़ से अधिक किसानों के पशुओं को इसका लाभ मिला है। वर्ष 2013-14 में गाय या भैंस से औसतन एक दिन में पांच लीटर से भी कम दूध मिलता था, जो अब बढ़कर करीब आठ लीटर हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत दूध उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार चाहती है कि पशुपालकों की कमाई दूध के साथ गोबर से भी बढ़े। गोबर और खेती के अवशेषों से बायोगैस, बायो-सीएनजी और जैविक खाद बनाने के लिए सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। इसी दिशा में कार्यक्रम के दौरान दो बायो-सीएनजी प्लांट का शिलान्यास किया गया। उन्होंने मछली पालन और मधुमक्खी पालन को भी किसानों की आय बढ़ाने के नये साधन बताया।

उन्होंने कहा कि भारत का समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात दोगुने से अधिक हो गया है। पिछले 12 वर्षों में शहद का उत्पादन भी दोगुना हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नर्मदा के पानी और टपक सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों ने बनासकांठा की तस्वीर बदल दी है। यहां का आलू विश्व प्रसिद्ध है। बनास डेयरी जैसे सहकारी संस्थान भी किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फ्रेंच फ्राइज बनाने वाले आलू प्लांट की क्षमता बढ़ाई गयी है, जिससे किसानों से अधिक आलू खरीदा जा सकेगा। फल और सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत 12 क्लस्टर मंजूर किये गये हैं। इनमें टमाटर, आलू, मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोको जैसी फसलें शामिल हैं। किसानों को नये बाग लगाने और पुराने बागों को फिर से विकसित करने के लिए सब्सिडी दी जायेगी। उत्तर गुजरात के दो क्लस्टर से बनासकांठा और साबरकांठा के आलू किसानों को लाभ होगा।

श्री मोदी ने कहा कि कार्यक्रम में गुजरात की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। अहमदाबाद-वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचारजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवा शुरू की गई है। अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार करते हुए गिफ्ट सिटी और हवाई अड्डे को जोड़ने वाली मेट्रो परियोजना का शिलान्यास किया गया है। अहमदाबाद-मेहसाणा हाईवे को चार लेन से बढ़ाकर आठ लेन किया जायेगा। इसके अलावा, गुजरात में चार हजार से अधिक आधुनिक आंगनबाड़ियों की शुरुआत की जा रही है। इनसे करीब चार लाख बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलेगा।

संजीव अशोक वार्ता

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टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
मोदी बनासकांठा
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
30/10/26 11:36
पिछला अपडेट
30/10/26 11:36
स्थान
India