एशियाई खेल: ईरान को हराकर भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण पदक

आइची-नागोया (जापान) 26 सितंबर (वार्ता) भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शनिवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोमांचक मुकाबले में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
आज यहां टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में हुए फाइनल मुकाबले में भारत की महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर अपना एशियाई खेलों चौथा स्वर्ण पदक जीता। अब तक हुए पांच एशियाई खेलो में ईरान ने जकार्ता 2018 में फाइनल में भारत को हराकर यह खिताब जीता था। दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने फाइनल मैच की शुरुआत अपनी स्टार रेडर और कप्तान ज़हरा करीमी को बेंच पर बिठाकर की।डिफेंडिंग चैंपियन ने शानदार शुरुआत की। रेडर पूजा, संजू देवी और निकिता हथवाला ने शुरुआती पॉइंट हासिल किए और टीम को 5-2 की बढ़त दिला दी।
हालांकि, ईरान ने सुपर टैकल के जरिए स्कोर बराबर किया और 7-5 की बढ़त बना ली। लेकिन भारत ने तुरंत वापसी की और मैच का पहला 'ऑल आउट' करके ईरान पर 13-10 की बढ़त बना ली। इसके तुरंत बाद निकिता हथवाला ने दो पॉइंट की रेड की और स्कोर 15-10 कर दिया। मैट पर वापस लौटीं करीमी ने अतेना मादेदी की मदद से मैच का रुख पलटने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय डिफेंस ने ईरान की स्टार रेडर सानिया नईमी को कोई मौका नहीं दिया और उन पर पूरी तरह काबू बनाए रखा। संजू देवी ने एक और मल्टी-पॉइंट रेड की - जिसमें बोनस और दो टच पॉइंट शामिल थे - जबकि डिफेंस ने लगातार सफल टैकल किए। इससे हाफ़-टाइम से दो मिनट पहले ही भारत की बढ़त दहाई के अंक तक पहुंच गई। हाफ-टाइम की सीटी बजने से पहले के आखिरी दो मिनट ईरान के नाम रहे।
एक सुपर टैकल, उसके बाद बोनस और मादेदी के शानदार एंकल होल्ड की बदौलत जकार्ता 2018 की चैंपियन टीम ने ब्रेक तक अंतर को कम करके 22-16 कर दिया। दूसरे हाफ में ईरान पूरी तरह जोश में नजर आया। डिफेंस के मजबूत खेल और सानिया नईमी के अचानक लय में आने से, उन्होंने स्कोर का अंतर कम करके 23-20 कर दिया। दबाव के बीच, जब मैट पर भारत की केवल दो खिलाड़ी बची थीं, रितु नेगी ने सानिया को 'थाई होल्ड' करके शानदार सुपर टैकल किया। पूजा ने भी अहम पॉइंट हासिल किए ताकि भारत 'ऑल आउट' न हो जाए। लेकिन आखिरकार मदादी ने एक ही रेड में दो टच पॉइंट हासिल करके भारत को 'ऑल आउट' कर दिया और खेल खत्म होने में आठ मिनट बाकी रहते हुए स्कोर को सिर्फ़ एक पॉइंट (27-26) के अंतर पर ला दिया।
मैच का रुख बदलने के लिए भारत ने रेडर्स पर भरोसा जताया और उन्होंने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया। पूजा ने पूरे मैच की तरह टच पॉइंट हासिल करना जारी रखा और संजू देवी ने भी कुछ बड़ी रेड्स के ज़रिए योगदान दिया। खेल खत्म होने में चार मिनट से कुछ ज़्यादा समय बचा था और भारत ने 34-28 की बढ़त बना ली थी।
जैसे-जैसे समय बीतता गया, ईरान के खेल में गलतियां होती गईं, जबकि भारत ने रेड्स के दौरान समय बिताने की कोशिश की। आखिरकार भारत ने 37-34 से जीत हासिल की और अपना खिताब बरकरार रखा।
राम वार्ता

