अगरकर पर संशय के बीच बीसीसीआई के पदाधिकारियों को चयन समिति पर फैसला लेने का अधिकार

मुम्बई, 18 सितंबर (वार्ता) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की शुक्रवार को हुई वार्षिक बैठक में अजीत अगरकर के कार्यकाल के विस्तार को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ।
बैठक में बोर्ड के पदाधिकारियों को सीनियर पुरुष चयन समिति के बारे में फैसला लेने का अधिकार दिया गया है। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार आज हुई बैठक में बोर्ड के पदाधिकारियों को सीनियर पुरुष चयन समिति के बारे में फैसला लेने का अधिकार दिया गया है। अगरकर के इस पद पर बने रहने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, भले ही बीसीसीआई ने इस महीने की शुरुआत में ब्रिटन दौरे पर भारत के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए हुई बैठक में उनकी गैर-मौजूदगी को ज़्यादा अहमियत नहीं दी।
उनके पद पर सवाल तब से उठ रहे हैं जब लॉर्ड्स वनडे से पहले रोहित शर्मा वाला मामला सामने आया था। खबरों के मुताबिक, चयनकर्ताओं ने पूर्व कप्तान को बताया था कि वह टीम की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन बाद में बीसीसीआई को दखल देना पड़ा। जुलाई 2023 में चयनकर्ताओं के चेयरमैन अगरकर का अनुबंध अक्टूबर 2026 तक है। इस बीच, वेस्टइंडीज वनडे, ईरानी कप और इंडिया ए टीमों के लिए भारतीय टीम चुनने की बैठक इस हफ़्ते की शुरुआत में बिना किसी रुकावट के हुई। इस मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा था और चयनकर्ता अपना काम सामान्य ढंग से कर रहे थे।
अगर अगरकर का कार्यकाल खत्म होता है, तो बीसीसीआई को तुरंत नया चेयरमैन नियुक्त नहीं कर पाएगा। बोर्ड को तय प्रक्रिया का पालन करना होगा, जिसमें पद के लिए विज्ञापन देना और फिर इंटरव्यू लेना शामिल है, जिसका मतलब है कि नया चेयरमैन चुनने में कुछ समय लग सकता है। खबर है कि अगर शीर्ष स्तर पर बदलाव होता है, तो भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल अगरकर की जगह ले सकते हैं। जूनियर चयन समिति की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।
नई जूनियर चयन समिति की नियुक्ति की प्रक्रिया भी अभी पूरी नहीं हुई है। बीसीसीआई ने 24 अगस्त को पांच पदों के लिए विज्ञापन दिया था, लेकिन इंटरव्यू अभी होने बाकी हैं। उम्मीद थी कि एजीएम के बाद नई कमिटी की घोषणा की जाएगी। हालांकि, ताजा जानकारी के मुताबिक, यह प्रक्रिया महीने के आखिर तक जारी रह सकती है। इस बीच, झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) के सचिव सौरभ तिवारी ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि अगले साल होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए रांची की जगह कोई और वेन्यू चुना जाएगा।
पांच टेस्ट मैचों की यह बड़ी सीरीज 21 जनवरी को नागपुर में शुरू होगी। चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में बाकी चार टेस्ट मैच इसी क्रम में खेले जाएंगे। तिवारी ने मीडिया से कहा, "वेन्यू में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अगर किसी को इस बारे में बीसीसीआई को लिखना है, तो वह मैं ही होऊंगा और मैंने ऐसा कुछ नहीं लिखा है।" एजीएम में बीसीसीआई ने नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट पर भी चर्चा की।
सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से उसके रुख पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसके तहत बीसीसीआई को इस कानून पर अपना रुख औपचारिक रूप से बताना पड़ सकता है। बीसीसीआई ने अब तक यही रुख अपनाया है - जिसमें ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन का मामला भी शामिल है - कि इस एक्ट के तहत क्रिकेट को 'निर्धारित खेल' नहीं माना जा सकता।
राम वार्ता

