न्यूयॉर्क, 23 सितंबर (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर फारस की खाड़ी सहयोग परिषद (पीजीसीसी) के नेताओं के साथ बैठक के दौरान ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका को 'कोलांग माउंटेन' (पिकैक्स माउंटेन) को उड़ाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
ईरान का कहना है कि इस स्थल का उपयोग उन्नत यूरेनियम सेंट्रीफ्यूज के उत्पादन और संयोजन के लिए किया जाता है। पश्चिमी और इजरायली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस परिसर में गुप्त संवर्धन या परमाणु हथियार विकास के लिए समृद्ध यूरेनियम भंडार और उन्नत सेंट्रीफ्यूज रखे हैं। श्री ट्रंप ने साथ ही कहा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता करेगा और इस मुद्दे का समाधान 'बहुत जल्द' हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ईरान से संबंधित स्थिति अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के बाद तुरंत बदल सकती है। उन्होंने जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ तथा ईरानी मध्यस्थों के बीच हुई बैठक को 'बहुत रचनात्मक' बताया और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि ईरानी पक्ष समझौते के लिए इच्छुक है। श्री ट्रंप ने कहा, "या तो हम ईरान के साथ समझौता करेंगे या युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।"
उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि उसे 'बहुत देर' होने से पहले कदम उठाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय ऐसा आएगा जब अमेरिका ईरान को एक देश के रूप में अस्तित्व में बने रहने का अवसर नहीं देगा। इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के प्रवक्ता ने कहा कि यदि अमेरिका 'कोलांग माउंटेन' या ईरान के किसी अन्य हिस्से पर हमला करता है तो ईरान इसका जोरदार जवाब देगा।
आईआरजीसी प्रवक्ता ने कहा कि ईरान की जवाबी कार्रवाई का स्वरूप 'सैन्य रहस्य' है। उन्होंने कहा, "हम अपने सैन्य रहस्य उजागर नहीं करते, लेकिन उन्हें युद्ध के मैदान में प्रदर्शित करेंगे।"
शादाब जितेन्द्र वार्ता