नयी दिल्ली, 03 अक्टूबर (वार्ता) देश में मानसूनी हवाओं की विदाई की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और शनिवार को उत्तर भारत के शेष बचे सभी हिस्सों से मानसून की पूरी तरह विदाई का ऐलान कर दिया गया।
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि लौटती हुई मानसूनी हवाएं अब पूरे गुजरात और मध्य प्रदेश के साथ-साथ बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी पूरी तरह वापस लौट चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि सामान्य रूप से मानसून की वापसी की शुरुआत सितंबर के दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी राजस्थान से मानी जाती है।
इस वर्ष भी सितंबर के मध्य से शुरू हुई विदाई की प्रक्रिया के तहत अक्टूबर के पहले सप्ताह तक आते-आते मानसून ने उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश राज्यों को पूरी तरह अलविदा कह दिया है। दूसरी ओर, दक्षिण और उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां अभी भी बनी हुई हैं।
मौसम विभाग ने दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि चार से छह अक्टूबर के दौरान केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की बहुत संभावना है। इसके अलावा, पांच और छह अक्टूबर को दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में भी भारी वर्षा का अनुमान व्यक्त किया गया है।
उत्तर-पूर्वी भारत के बारे में मौसम विभाग ने कहा है कि तीन अक्टूबर को असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। इस साल अल-नीनो असर के कारण देश में 30 सितबंर तक बारिश अपनी दीर्घावधि औसत से 12.7 प्रतिशत कम दर्ज हुयी है। इससे हालांकि देश की कृषि पैदावार पर अधिक असर नहीं दर्ज किया गया।
शोभित.श्रवण वार्ता