नयी दिल्ली, 21 सितम्बर (वार्ता) 'युद्ध अभ्यास 2026' के दौरान अमेरिकी सेना की 11वीं एयरबोर्न डिवीजन और भारतीय सेना की गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों ने उत्तराखंड के औली में जंगल युद्ध, इंडोर फायरिंग और रॉक-फेस रैपलिंग का संयुक्त अभ्यास किया।
सेना के अनुसार इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने एक साथ छोटे दलों में युद्ध अभ्यास किया और एक-दूसरे की युद्ध तकनीकों एवं प्रक्रियाओं को समझा। अभ्यास के दौरान सैनिकों ने घने जंगलों में एकीकृत दस्तों के रूप में आगे बढ़ने, सिमुलेशन राउंड के जरिए लक्ष्यों पर निशाना साधने और छोटे दलों की संयुक्त युद्ध तकनीकों का अभ्यास किया। इससे दोनों सेनाओं के बीच तालमेल और एक-दूसरे की रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं की समझ को मजबूत करने पर जोर रहा।
दोनों देशों के सैनिकों ने औली स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में हाल ही में शुरू किए गए इंडोर शूटिंग रेंज में भी प्रशिक्षण लिया। यहां सैनिकों ने भारत में बनी ए के -203 असॉल्ट राइफल से फायरिंग का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। प्रशिक्षण के अंत में दोनों सेनाओं के जवानों ने एक साथ रॉक फेस से रैपलिंग का अभ्यास किया। इस अभ्यास का उद्देश्य औली के आसपास के ऊंचाई वाले और कठिन पहाड़ी इलाके में काम करने के लिए जरूरी पर्वतीय युद्ध कौशल को बेहतर करना था।
घने जंगलों से लेकर फायरिंग रेंज और खड़ी चट्टानों तक, युद्ध अभ्यास 2026 में दोनों देशों के सैनिकों ने जमीन पर साथ काम करते हुए आपसी तालमेल को व्यावहारिक प्रशिक्षण में बदला।
संजीव उप्रेती वार्ता