नयी दिल्ली 01 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है।
यह विधेयक अगस्त में संसद की मंजूरी के बाद 31 सदस्यीय जेपीसी को विस्तृत जांच के लिए भेजा गया था। श्री वेणुगोपाल ने कहा कि एफसीआरए संशोधन विधेयक बेहद संवेदनशील है और इसके व्यापक प्रभाव हो सकते हैं। उनके अनुसार, विधेयक का असर अल्पसंख्यकों और नागरिक समाज से जुड़े संगठनों के संवैधानिक अधिकारों पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जेपीसी का उद्देश्य सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लेना और विधेयक के मसौदे की गहन समीक्षा करना था। कांग्रेस नेता ने पत्र में चिंता जतायी कि क्या समिति ने व्यापक परामर्श और समुचित जांच की प्रक्रिया पूरी की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष का ध्यान आकर्षित किया है। श्री वेणुगोपाल ने कहा कि जेपीसी से निकलने वाला कोई भी विधेयक त्रुटिरहित होना चाहिए और संसद को यह भरोसा होना चाहिए कि प्रस्तावित कानून व्यापक विचार-विमर्श और कठोर जांच की प्रक्रिया से गुजर चुका है।
उन्होंने कहा कि ऐसा सुनिश्चित नहीं होने पर जेपीसी की पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ही निरर्थक हो जाता है।
रवि.श्रवण वार्ता