खरगे के आवास पर हुई इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (वार्ता) इंडिया गठबंधन के नेताओं की एक नवंबर को यहां रामलीला मैदान में 'वोट चोरी' के खिलाफ होने वाली एक नवंबर की रैली तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जनता की अदालत में शुक्रवार को महाभियोग चलाने वाले कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आज महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में प्रस्तावित 'जनता की अदालत में महाभियोग' कार्यक्रम के स्वरूप, रणनीति और प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की गयी। बैठक में इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया।
सूत्रों के अनुसार लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जनता की अदालत में महाभियोग चलाने के लिए आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर सकती हैं। श्री खरगे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित महाभियोग प्रस्ताव पेश करेंगे। महाअभियोग के दौरान गठबंधन के घटक दलों के प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आरोपों की सूची प्रस्तुत की जायेगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समापन संबोधन करेंगे।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण मतदाता सूची से प्रभावित लोगों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। श्री खरगे के आवास पर गुरुवार को हुई बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, सांसद गौरव गोगोई, झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेता महुआ मांझी, तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, समाजवादी पार्टी के नेता हरेंद्र मलिक, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास तथा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और मणिकम टैगोर तथा गठबंधन के अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गठबंधन इस पहल के जरिये मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज पर सवाल उठाने और जवाबदेही तय करने की मांग को जनता के सामने रखने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना था कि इसे संसद की कार्यवाही की नकल के बजाय जनता के बीच जवाबदेही का सवाल उठाने वाले कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जायेगा।
श्री खरगे ने कहा कि वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा चुनाव आयोग में की गयी गड़बड़ियों के खिलाफ विपक्ष का विरोध जारी रहेगा और इसी क्रम में जनता की अदालत में महाभियोग जैसा कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उसके बाद एक नवंबर को रामलीला मैदान में रैली होगी जिसमें देशभर से लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को जागरूक करने के लिए संघर्ष करना जरूरी है।
अभिनव जितेन्द्र वार्ता

