गृह मंत्रालय ने मणिपुर,अरूणाचल और नगालैंड के विभिन्न क्षेत्रों में अफस्पा की अवधि छह महीने बढ़ायी

नयी दिल्ली 25 सितम्बर (वार्ता) गृह मंत्रालय ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मणिपुर, अरूणाचल प्रदेश और नागालैंड में हिंसा की घटनाओं को देखते हुए सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (अफस्पा) को आगामी एक अक्टूबर से छह महीने बढ़ाकर 'अशांत क्षेत्र' घोषित किया है।
गृह मंत्रालय ने गुरुवार को तीनों राज्यों के लिए इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचना जारी की है। यह निर्णय इन राज्यों में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया है। मणिपुर के लिए जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य में घाटी के जिलों के 13 विशेष पुलिस थाना क्षेत्रों को अफस्पा से बाहर रखा गया है। इम्फाल, लैंफेल, सिटी, सिंगजामेई, पटसोई, वांगोई, पोरोम्पैट, हेइंगांग, इरिलबुंग, थौबल, बिष्णुपुर, नांबोल और काकचिंग थाना क्षेत्रों को अफस्पा से बाहर रखा गया है।
इन क्षेत्रों में सामान्य नागरिक पुलिस व्यवस्था जारी रहेगी। राज्य में वर्ष 2023 में दो समुदायों के बीच जातीय हिंसा के बाद से विभिन्न क्षेत्रों में अफस्पा के प्रावधान लागू हैं। पहले से लागू अफस्पा की अवधि 30 सितम्बर को समाप्त हो रही है। अरुणाचल प्रदेश के लिए जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य के तिरप, चांगलांग एवं लांगडिंग जिलों तथा असम की सीमा से लगे नामसेई जिले के नामसेई , महादेवपुर एवं चौखम पुलिस थानों के क्षेत्र में आने वाले इलाकों में अफस्फा के प्रावधान आगामी एक अक्तूबर से छह महीने के लिए बढ़ा दिये गये हैं।
नागालैंड में दिमापुर, जेनउलैंड, चुमुकेदिमा, मोन, दीमापुर, नोकलाक, शेख, पेरेन और मेलुरी जिलों तथा कोहिमा जिले में खुझामा, कोहिमा-उत्तर, कोहिमा-दक्षिण, जुब्जा और केजोचा पुलिस थाना क्षेत्र, मोकोकचुंग जिले में मांगकोलेंबा, मोकोकचुंग-I, लोंगथो, तुली, लोंगचेम और अनाकी 'सी' पुलिस थाना क्षेत्र, लोंगलेंग जिले में यांगलोक पुलिस थाना क्षेत्र, वोखा जिले में भंडारी, चांमपांग और रालान पुलिस थाना क्षेत्र तथा जुन्हेबोटो जिले में घटाशी, पुघोबोटो, सताखा, सुरूहुतो, जुन्हेबोटो और अघुनाटो पुलिस थाना क्षेत्र में अफस्पा के प्रावधान एक अक्टूबर से छह महीने के लिए बढ़ाये गये हैं।
संजीव अशोक वार्ता

