तारिक रहमान की भारत यात्रा पर अनिश्चितता के बीच होगा बंगलादेश के नए उच्चायुक्त का आगमन

जयंत रॉय चौधरी
नयी दिल्ली, 29 सितंबर (वार्ता) बंगलादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा नवंबर में होने की अटकलों के बीच बंगलादेश के पूर्व विदेश सचिव असद आलम सियाम अगले माह नयी दिल्ली में पड़ोसी देश के उच्चायुक्त का पदभार संभाल सकते हैं।
श्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर अटकलें अब भी बरकरार हैं। वह अगस्त में भारत आने वाले थे लेकिन अंतिम समय में उनका दौरा रद्द हो गया था। इस फैसले के पीछे कई कारण थे। बंगलादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, गैस की कमी, बिजली कटौती और भारत विरोधी बयानबाजी जैसी चीजों ने उनके भारत आगमन को स्थगित किया है। इसके साथ ही वह यह भी जानते हैं कि भारत-बंगलादेश वार्ता के केंद्र बिन्दु गंगा जल संधि पर अभी कोई फैसला होने की संभावना नहीं है।
भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सीकरी ने यूनीवार्ता से विशेष बातचीत में कहा कि गंगा जल संधि की अवधि दिसंबर में समाप्त हो रही है और इसके नवीनीकरण के लिए समय कम बचा है। उन्होंने कहा कि व्यापार संबंधी मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत जरूरी है। भारतीय अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि नए उच्चायुक्त इन दोनों मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाएंगे।
बंगलादेश में इस बीच कट्टरपंथी तत्वों द्वारा सरकार को अस्थिर करने की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ और मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शांतनु मुखर्जी ने यूनीवार्ता से कहा कि कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति बिगड़ने से कट्टरपंथी इस्लामी तत्वों के सत्ता पर कब्जे का प्रयास तेज हो सकता है। श्री सियाम का नाम बंगलादेश ने काफी पहले घोषित कर दिया था, लेकिन उन्हें नयी दिल्ली भेजने में देरी हुई।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें पूर्व में कुछ उच्चायुक्तों की तरह मंत्री स्तर का दर्जा भी दिया जा सकता है। इस बीच, मौजूदा उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह के नयी दिल्ली से जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके कार्यकाल में उन्होंने पत्रकारों, रणनीतिक विश्लेषकों, थिंक टैंक, राजनयिकों, नौकरशाहों और राजनीतिक हलकों में व्यापक संपर्क बनाए, लेकिन इसी दौरान भारत-बंगलादेश संबंधों में भी गंभीर गिरावट आई। शेख हसीना को अगस्त 2024 में सत्ता से हटाए जाने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के गठन के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा।
अल्पसंख्यकों और अवामी लीग के प्रति रवैये, भारत विरोधी बयानबाजी तथा भारत में हसीना की मौजूदगी को लेकर ढाका की चिंताओं ने संबंधों को प्रभावित किया। फरवरी 2026 में तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी के सत्ता में लौटने के बाद संबंधों में तत्काल सुधार की उम्मीद थी, लेकिन ढाका ने भारत के साथ समझौतों की समीक्षा जारी रखी और राजनीतिक बयानबाजी भी तीखी बनी रही।
शादाब जितेन्द्र वार्ता

