दीपके को संवेदनशीलता के साथ दी गई थी दादी के निधन की खबर, हर संभव मदद का दिया गया प्रस्ताव: दिल्ली पुलिस

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली पुलिस ने रविवार को कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी के निधन की जानकारी संबंधित अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर यह दुखद समाचार साझा किया और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव दिया।
पुलिस उपायुक्त नेहा यादव ने यहां संवाददाताओं को बताया कि पुलिस अधिकारियों ने बेहद संवेदनशील रुख अपनाते हुए श्री दीपके को परिवार से फोन पर बात कराने, उड़ानों की व्यवस्था करने सहित अन्य विकल्प सुझाए। इस दौरान उनसे बार-बार पूछा गया कि क्या वे अपने माता-पिता या रिश्तेदारों से बात करना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में एक वीडियो फुटेज भी सार्वजनिक किया, जिसमें पुलिस अधिकारी श्री दीपके को सहायता और हर संभव मदद का प्रस्ताव देते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। यह स्पष्टीकरण सीजेपी के यहां हुए एक संवाददाता सम्मेलन में लगे आरोप के जवाब में दिया गया।
सीजेपी का आरोप था कि श्री दीपके की दादी के निधन की सूचना उन तक उचित तरीके से प्रेषित नहीं की गयी। सीजेपी और उसके समर्थकों के बारे में सुश्री यादव ने कहा कि इस संगठन ने पहले भी आयोजित विरोध प्रदर्शनों के दौरान यह साबित किया है कि वे अपने लिखित आश्वासन पर कायम नहीं रह सकते और न ही स्थानीय निर्देशों का पालन करते हैं। जब उन्हें प्रदर्शन की अनुमति दी गई, तो उन्होंने कानून का पालन नहीं किया था और भीड़ ने पथराव, आगजनी तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया था। इसलिए, नियमों और प्रक्रियाओं का पालन न करने, शर्तों के उल्लंघन तथा वर्तमान सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी।
शनिवार को प्रदर्शन की अनुमति खारिज होने के बाद एहतियाती तौर पर दिपके और उनके दो सहयोगियों को हिरासत में लिया गया था। इस बीच, निषेधाज्ञा लागू होने और किसी भी तरह के जमावड़े या प्रदर्शन की अनुमति न होने के बावजूद रविवार को भी प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर की ओर बढ़ने का प्रयास किया। नयी दिल्ली जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और शुरुआत में यातायात डायवर्जन लागू किया गया था, हालांकि बाद में प्रतिबंधों में ढील दे दी गई।
पुलिस ने बिना अनुमति के प्रदर्शन करने, निषेधाज्ञा के उल्लंघन और इस दौरान हुई हिंसक गतिविधियों के संबंध में एफआईआर दर्ज की हैं। रविवार को भी प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश जारी रखी, जिसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया और बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
शोभित जितेन्द्र वार्ता

