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भारत और अमेरिकी सैनिकों ने बहु-क्षेत्रीय युद्ध पर साझा किये अनुभव

भारत और अमेरिकी सैनिकों ने बहु-क्षेत्रीय युद्ध पर साझा किये अनुभव

नयी दिल्ली 19 सितंबर (वार्ता) भारत और अमेरिका की सेनाओं ने उत्तराखंड के औली में संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास 2026 ' के तहत कमांड पोस्ट एक्सरसाइज (सीपीएक्स), विशेषज्ञ शैक्षणिक चर्चाओं और विषय विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के दौरान बहु-क्षेत्रीय युद्ध से जुड़े परिचालन अनुभव साझा किये।

सेना के अनुसार इन गतिविधियों में उभरती प्रौद्योगिकियों, सूचना संचालन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में युद्ध से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गयी। अभ्यास के 22वें संस्करण के तहत औली में पेशेवर आदान-प्रदान के साथ-साथ औली और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में फील्ड प्रशिक्षण भी चल रहा है। विशेषज्ञ शैक्षणिक चर्चाओं में समकालीन परिचालन चुनौतियों और युद्ध में प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।

इनमें तीव्र इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली वाले वातावरण में सामरिक लचीलापन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित खुफिया विश्लेषण, काउंटर-मानवरहित हवाई प्रणाली का परिचालन उपयोग, साइबर क्षमताएं और बहु-क्षेत्रीय अभियानों के ढांचे में साइबर-इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गतिविधियां शामिल रहीं। चर्चाओं में सैन्य क्षमताओं के आकलन को केवल संख्यात्मक मूल्यांकन तक सीमित न रखने से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया गया। इस आदान-प्रदान का उद्देश्य ऐसे चुनौतीपूर्ण वातावरण में संचालन की साझा समझ विकसित करना है, जहां संचार बाधित हो सकता है, मानवरहित प्रणालियों का प्रसार हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तथा खुफिया प्रसंस्करण एवं निर्णय समर्थन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

समानांतर रूप से विषय विशेषज्ञों के आदान-प्रदान में ऊंचाई वाले क्षेत्रों और ठंडे मौसम की परिस्थितियों से जुड़ी परिचालन जरूरतों पर चर्चा की गयी। दोनों सेनाओं के विशेषज्ञों ने ऊंचाई वाले इलाकों में चिकित्सा सहायता, साइबर, मनोवैज्ञानिक अभियानों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से जुड़े सूचना संचालन, विमानन संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल तथा ऊंचाई और ठंडे मौसम में मोर्टार और स्नाइपर के उपयोग से जुड़े अनुभव साझा किये। कमांड पोस्ट एक्सरसाइज के तहत दोनों सेनाओं के कमांडरों और स्टाफ को सिम्युलेटेड परिचालन परिस्थितियों में संयुक्त योजना, निर्णय लेने और समन्वय का अवसर मिल रहा है।

इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं की आपसी समझ बढ़ाना और पर्वतीय तथा अर्ध-पर्वतीय इलाकों में समन्वित अभियानों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने की क्षमता को मजबूत करना है। युद्ध अभ्यास की शुरुआत 15 सितंबर को औली और महाजन में हुई। इसमें भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के 600-600 कर्मी हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यास का फोकस संयुक्त सैन्य क्षमता, इंटरऑपरेबिलिटी और परिचालन की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने पर है। इसमें पैदल सेना आधारित अभियानों, एकीकृत युद्ध समूहों और प्रौद्योगिकी-सक्षम बहु-क्षेत्रीय युद्ध पर विशेष जोर दिया गया है।

औली में हो रही शैक्षणिक और पेशेवर गतिविधियां फील्ड प्रशिक्षण के साथ एक बौद्धिक आयाम जोड़ रही हैं। इनके माध्यम से दोनों सेनाएं परिचालन अनुभव साझा कर रही हैं, उभरते खतरों का अध्ययन कर रही हैं और पेशेवर समझ, आपसी विश्वास तथा सौहार्द को मजबूत कर रही हैं।

संजीव अशोक वार्ता

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
446
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
भारत अमेरिका अभ्यास
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
,
प्रकाशित तिथि
19/09/26 12:48
पिछला अपडेट
19/09/26 12:48
स्थान
India