मोदी-शाह के दबाने के प्रयास से भी नहीं थमेगा ज्ञानेश कुमार को हटाने का आंदोलन : खरगे

नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूचियों में अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि 'वोट चोरी' के सामने आ रहे नये खुलासों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह जन आंदोलन दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
श्री खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि 'वोट चोरी' के नये खुलासों में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में फॉर्म-8 के जरिये किए गए 10,470 अनियमित बदलावों के मामले हैं जिनमें प्राथमिकी दर्ज की गई है। महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मसौदा मतदाता सूचियों से 2.07 करोड़ नाम हटाए गए हैं जबकि गुजरात में 68.12 लाख और तेलंगाना में 73.39 लाख नाम कम हुए हैं।
राजस्थान में निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूचियों के बीच लगभग 30 लाख विसंगतियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में चुनाव अधिकारियों की ओर से नाम हटाने के 61,059 फॉर्म-7 आवेदन दाखिल किए गए जबकि आंध्र प्रदेश में 20,959 ऐसे आवेदनों में चुनाव अधिकारियों को आपत्तिकर्ता के रूप में नामित किया गया। ओडिशा के धामनगर में नाम हटाने के 3000 से अधिक आवेदन आए।
झारखंड के चतरा विधानसभा क्षेत्र से 4,790 फॉर्म-7 आवेदन आए जो राज्य के कुल आवेदनों का लगभग 36 प्रतिशत हैं। श्री खरगे ने कहा कि हरियाणा, दिल्ली, गोवा, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में भी एसआईआर के कारण शिकायते आई हैं और इन्हीं शिकायतों को देखते हुए श्री मोदी और शाह आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहे हें। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मुख्य चुनाव आयुक्त को क्यों बचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ध्यान भटकाने की रणनीति और झूठा प्रचार मोदी सरकार की साख को भी नुकसान पहुंचा रहा है और देश के लोकतंत्र की छवि धूमिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन प्रत्येक नागरिक के वोट और संविधान की रक्षा के लिए अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगा।
अभिनव, मधुकांत वार्ता

