राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ तीसरी बार भी आरोप तय नहीं हो सके हैं। आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई लेकिन वीडियो फुटेज और ऑडियो उपलब्ध कराने की मांग लंबित है। श्री रमेश ने सवाल किया कि राम मंदिर की पूरी वीडियो फुटेज और ऑडियो सामने आने से किसकी पोल खुलेगी।
उनका कहना था कि देशवासियों के मन में संदेह है कि इन रिकॉर्डिंग से चढ़ावे की चोरी और बड़े लोगों की कथित मिलीभगत से जुड़े अहम् राज सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी में चढ़ावे की रकम हटाने की 105 घटनाएं सामने आईं हैं। उनका यह भी कहना था कि 2020 में ऑडिट की चेतावनियां दी गईं, चार जून को चोरी का वीडियो सामने आया और 25 जून को प्राथमिकी दर्ज हुई, लेकिन अब तक पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय नहीं हुई है।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि भाजपा की सरकारें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद और भाजपा से जुड़े लोगों को बचाने में इतनी दिलचस्पी क्यों दिखा रही हैं। उन्होंने पूछा कि मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी रहे चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी की बजाय गवाह क्यों हैं और बड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कब होगी। क्या चोरी की जिम्मेदारी केवल आठ कर्मचारियों तक ही सीमित कर दी जाएगी।
श्री रमेश ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि ऑडिट की चेतावनियों, सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय लेन-देन और ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए तथा श्रीराम के नाम पर आए चढ़ावे का पूरा हिसाब देश के सामने रखा जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्रीराम मंदिर का श्रेय लेने में सबसे आगे रहने वाले प्रधानमंत्री चढ़ावे की चोरी के मामले में जवाबदेही से पीछे क्यों हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंदा श्रीराम के नाम पर आया था, इसलिए उसका हिसाब देना होगा और जवाबदेही भी तय करनी होगी।
अभिनव.श्रवण वार्ता

