राष्ट्रपति से मिला इंडिया गठबंधन का प्रतिनिधिमंडल, मुर्मु ने वोट चोरी के आरोपों पर मांगे सबूत: राहुल

नयी दिल्ली, 09 अक्टूबर (वार्ता) इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोट चोरी के आरोपों को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति को पिछले चार दिनों से वोट चोरी के खिलाफ चलाये जा रहे आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उनसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग भी की गयी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के मामलों के सबूत मांगे हैं, जिन्हें विपक्ष संकलित कर उन्हें सौंपेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल की बातें ध्यान से सुनीं और मामले की जांच करने तथा उचित कदम उठाने पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि इस संबंध में सबूत मांगे हैं। उंन्होने कहा कि चुनाव में वोट चोरी के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार देश दोषी हैं और वे मिलकर लोकतंत्र को बर्बाद कर रहे हैं। श्री गांधी ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति के सामने सभी सबूत रखने के लिए तैयार है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर संभव रास्ता अपनायेगा।
विपक्षी सांसद पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गये थे लेकिन उन्हें रोककर पुलिस थाने ले जाया गया। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया और अब राष्ट्रपति के सामने मामला रखा गया है। विपक्ष सोमवार को उच्चतम न्यायालय में भी इस मुद्दे को उठायेगा। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है और उन्होंने मामले की जांच करने तथा विवरण देखने की बात कही है। सुश्री बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति ने सबूत मांगे हैं, जिन्हें विपक्ष उन्हें उपलब्ध करायेगा। उन्होंने कहा कि देश इस मुद्दे को लेकर चिंतित है और राष्ट्रपति से संविधान की संरक्षक के रूप में लोकतंत्र की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए मामले की जांच का आश्वासन दिया है। प्रतिदिन मंडल के राष्ट्रपति भवन पहुंचने से पहले गठबंधन के सांसदों ने विजय चौक तक मार्च निकाला। इससे पहले सांसदों ने संसद भवन के संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक की। बैठक में राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन को अंतिम रूप दिया गया और विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। इसके बाद सांसद संसद भवन से विजय चौक की ओर रवाना हुए।
श्री खरगे ने मार्च में शामिल होने के दौरान कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने खुले तौर पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त श्री कुमार को उनकी गलतियों के बारे में समझाने की बात कही है, लेकिन इसके बावजूद वह नहीं माने। दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद मोदी सरकार श्री कुमार को पद से हटाने के लिए तैयार नहीं है। विपक्ष कई वर्षों से चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी समस्याएं सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने रख रहा है, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गयी। आजादी के बाद संविधान ने जनता को वोट देने का अधिकार दिया, लेकिन अब यह अधिकार छीने जाने का खतरा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार छोटी मछली हैं लेकिन उनके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उनकी सरकार है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के अधिकार छीनकर तानाशाही करना चाहती है। यदि तानाशाही आती है तो लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकार समाप्त हो जायेंगे। विपक्ष इनकी रक्षा के लिए लड़ रहा है। श्री खरगे ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति को बतायेगा कि सभी नेता जनता के वोट के अधिकार के कारण ही यहां तक पहुंचे हैं। यदि वोट देने का अधिकार छीन लिया गया तो देश में तानाशाही की स्थिति पैदा हो जायेगी।
इससे पहले संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में गठबंधन के नेताओं को संबोधित करते हुए श्री राहुल गांधी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त 1947 के ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया। उन्होंने नेहरू के भाषण के अंश उद्धृत करते हुए कहा कि वह भारत, पूरे एशिया और दुनिया के लिए एक निर्णायक क्षण था। स्वतंत्रता के साथ पूर्व में एक नया सितारा उदित हुआ और एक नयी आशा का जन्म हुआ। उन्होंने नेहरू की इस कामना का भी उल्लेख किया कि स्वतंत्रता का यह सितारा कभी अस्त न हो और लोगों की आशाएं कभी निराशा में न बदलें। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि विपक्ष मतपत्रों के जरिए चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहा है। बैठक में कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सुप्रिया सुले, कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और माकपा सांसद जॉन ब्रिटास सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
अभिनव अशोक वार्ता

