राहुल गांधी की राजनीति समझ शून्य, चुनाव आयोग पर लगाये गये आरोप स्रोत और आधार क्या है: भाजपा

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह जो बेबुनियादी आरोप चुनाव आयोग पर लगा रहे हैं उसका स्रोत और आधार क्या है।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री गांधी पर तीखा प्रहार किया और कहा कि अभी कुछ ही देर पहले राजनीतिक दांव-पेच के उस्ताद और हाइड्रोजन गैस लाकर हाइड्रोजन बम बनाने की घोषणा करने वाले महान रसायन वैज्ञानिक श्री गांधी ने एक बार फिर लोगों के सामने पावरप्वाइंट प्रस्तुति (पीपीटी) पेश की। श्री त्रिवेदी ने श्री गांधी की राजनीतिक समझ को शून्य करार देते हुए कहा कि उन्होंने (श्री गांधी) ने कहा कि 'मैं इसे 50 साल से देख रहा हूं', तो सवाल पैदा होता है कि 56 साल की उम्र के व्यक्ति को क्या छह साल की उम्र से ही सब कुछ समझ में आने लगा था। उन्होंने कहा, " मेरा मानना है कि पांच-छह साल की उम्र में ही राजनीति को समझने की ऐसी असाधारण प्रतिभा कम ही देखने को मिल सकती है।"
उन्होंने कहा कि श्री गांधी ने आज एक बार फिर ऐसी पीपीटी पेश की, जैसी आमतौर पर अज्ञात, संदिग्ध और अविश्वसनीय लोगों की ओर से सामने लायी गयी है। उन्होंने कहा कि जिस रिपोर्ट का हवाला देकर कांग्रेस नेता आरोप लगा रहे हैं, उसमें किसी भी चुनाव आयुक्त का कोई कोट नहीं है, कोई प्रतिक्रिया नहीं है और ऑफ द रिकॉर्ड भी कोई प्रतिक्रिया उल्लेखित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिस रिपोर्ट के सहारे चुनाव आयुक्त आरोप लगा रही है फिर उस रिपोर्ट का आधार क्या है? श्री त्रिवेदी ने कहा कि अगर इसी आधार पर काल्पनिक बातें की जाएं, तो अप्रैल 2012 में उसी अखबार में यह भी लिखा गया था कि कांग्रेस सरकार इतनी डर गयी थी कि सेना तक को लेकर आशंकाएं जताई जा रही थीं। उन्होंने कहा कि क्या ऐसी सभी खबरों पर भी यकीन किया जाएगा? भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) चुनाव आयोग को यह अधिकार स्पष्ट रूप से देती है कि वह जब भी उचित समझे मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर) करा सकता है।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि उन्होंने (श्री गांधी) अपनी रिपोर्ट में कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1960 के फॉर्म-6 में कुछ बदलाव किए गये, जो पूरी तरह बेबनियाद है। उन्होंने (श्री गांधी) दावा किया कि माता-पिता के नाम नहीं जोड़े गए, जो हास्यास्पद है और ऐसी बात केवल कांग्रेस की ओर से ही कही जा सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले सात दशकों में भाजपा का उदय दशक-दर-दशक हुआ है, जबकि इसी अवधि में कांग्रेस का धीरे-धीरे पतन हुआ है। उन्होंने कहा, "1950 के दशक में हम एक मामूली राजनीतिक शक्ति थे। लेकिन 1960 के दशक में हम एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दल के रूप में उभरने लगे। भारतीय जनसंघ के रूप में हमने लोकसभा की 35 सीटें जीतीं, जबकि उत्तर प्रदेश में हमारे 96 विधायक निर्वाचित हुए। यह देश में एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनने की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम था।"
श्री त्रिवेदी ने सत्ता विरोधी लहर के श्री गांधी के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि मौजूदा समय में कांग्रेस के खिलाफ इतनी जबरदस्त लहर है कि वह अपनी सीट भी अपने सहयोगी दल की बैसाखी के बिना नहीं जीत सकते। पिछले 25 वर्षों से रायबरेली और अमेठी में समाजवादी पार्टी के समर्थन से कांग्रेस पार्टी जीतती रही है।
उन्होंने कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी और श्री गांधी में इतनी क्षमता नहीं है कि बिना सपा के समर्थन के अपनी खानदानी सीट अपने दम पर निकाल सकें। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि श्री गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा केरल के वायनाड में मुस्लिम लीग के समर्थन से जीते हैं, जहां 60 से 65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। इनकी क्षमता नहीं है कि बिना मुस्लिम लीग के समर्थन के वहां अपनी सीट निकाल सकें।
संतोष, मधुकांत वार्ता

