विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका अहम: मोदी

नयी दिल्ली 23 अक्टूबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि युवाओं को देश की प्रगति से जोड़ना, समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट करना और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना जरूरी है। श्री मोदी आज यहां चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने चिन्मय मिशन से विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद जी का मुख्य विचार युवाशक्ति के निर्माण के जरिए सशक्त भारत बनाना था। चिन्मय मिशन के युवा कार्यकर्ताओं ने करीब 300 दिनों में 40 हजार किलोमीटर की यात्रा कर एक लाख से अधिक युवाओं से संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि 2047 में देश की आजादी के 100 साल पूरे होंगे और इसी कालखंड में चिन्मय मिशन भी अपनी शताब्दी मनायेगा। ऐसे में विकसित भारत और चिन्मय मिशन की यात्रा को साथ आगे बढ़ाना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि मिशन के संत, आचार्य, साधक और कार्यकर्ता विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभायेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद जी ने भारतीय ज्ञान, संस्कृति और विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया। चिन्मय मिशन के 100 से अधिक शिक्षण संस्थान बच्चों और युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कार भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी जी आध्यात्मिक उन्नति को व्यक्तिगत विकास और व्यक्तिगत विकास को राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने की सीख देते थे। श्री मोदी ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा में शिक्षा, आधुनिक विज्ञान और नयी तकनीक को महत्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके प्रति गर्व की भावना को मजबूत करना जरूरी है। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम मंदिर और उज्जैन के महाकाल महालोक जैसे केंद्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के सांस्कृतिक केंद्रों का पुनर्जागरण हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में विदेशों में चोरी कर ले जायी गयी 650 से अधिक प्राचीन मूर्तियों को वापस लाया गया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग संस्थाओं के उद्देश्य भले ही अलग हों, लेकिन देश का विकास और गौरव सभी का साझा लक्ष्य है। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा।
संजीव अशोक वार्ता

