संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली भारत के लिए सबसे अच्छी, हंगामों के बीच से भी रास्ते निकलते रहते हैं: रिजिजू
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नयी दिल्ली, 10 सितंबर (वार्ता) संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली को भारत की दृष्टि से देश के लिए सबसे उपयुक्त बताते हुए गुरुवार को कहा कि 'विधायिकाओं में हंगामे होते रहते हैं' और उनके बीच से राह निकलती रहती है।
श्री रिजिजू यहां जवाहर नवोदय विद्यालयों के लिए 27वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2025-26 के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, ' संसद में हंगामे होते रहते हैं। उससे विचलित होने की जरूरत नहीं है। लोग सवाल उठाएंगे। दुनियां में हर जगह विधायिकाओं में हंगामा होते हैं, कहीं कहीं तो हाथापाई तक देखने को मिलती है , पर हंगामे के बीच से रास्ता निकलता है।"
श्री रिजिजू ने पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों के देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी राजतंत्रीय व्यवस्थाएं चलती है, संवैधानिक राजतंत्र भी चल रहे हैं और अमेरिका जैसी राष्ट्रपति प्रणाली भी है। उन्होंने कहा, ' भारत के लिए संसदीय प्रणाली सबसे अच्छी है। इसमें जनता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी सरकार चलाती है। मंत्री सरकार का काम काज देखते हैं और संसद के प्रति जवाबदेह होते हैं।
मंत्रियों से जन प्रतिनिधि सवाल पूछते हैं और मंत्रियों को उसका जवाब देना होता है।" उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसी राष्ट्रपति वाली प्रणाली में जन -प्रतिनिधि कानून बनाते हैं लेकिन मंत्री संसद में नहीं आते। राष्ट्रपति भी साल में केवल एक बार संसद को संबोधित करने आते हैं। " मेरा व्यक्तिगत मत है कि भारत के लिए संसदीय प्रणाली सबसे अच्छी है।" इस बार इस प्रतियोगिता में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, उखरूल-1, मणिपुर ने संसद की कार्यवाही के उत्कृष्ट मंचन के लिए प्रथम स्थान प्राप्त किया और मंत्री ने इस स्कूल को प्रतियोगिता की 'रनिंग ट्राफ्री' प्रदान की।
इसके अतिरिक्त पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, कोल्लम, केरल, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, ठियोग, शिमला, हिमाचल प्रदेश, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, सूरतगढ़, श्रीगंगानगर-2, राजस्थान, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मल्हार, बिलासपुर, छत्तीसगढ़, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, वलसाड, गुजरात, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पुरुलिया, पश्चिम बंगाल तथा पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड को उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए 'मैरिट ट्राफी' प्रदान की। संसद के पुस्तकालय भवन के जीएमसी बालयोगी सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में इस बार प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले मणिपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों की टीम ने लोक सभा की कार्यवाही की एक मंचीय प्रस्तुति दी।
उन्होंने नये निर्वाचित सदस्यों को शपथ लाए जाने से लेकर, प्रश्नकाल , विशेष उल्लेख, सदन पर दस्तावेजों के रखे जाने, दूसरे सदन के संदेश , विधेयकों को रखने और पारित कराने की प्रक्रियाओं का मंचन किया। श्री रिजिजू ने विद्यार्थियों के इस प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने -इस मंचन के दौरान मणिपुर की कानून व्यवस्था पर विद्यार्थी सांसद के सवाल और गृहमंत्री की भूमिका निभाने वाले छात्र के जवाब का विशेष रूप से उल्लेख किया।" कार्यक्रम को संसदीय कार्य विभाग के सचिव निकुंज बिहारी धल और अतिरिक्त सचिव डॉ सत्य प्रकाश ने भी संबोधित किया।
मनोहर जितेन्द्र वार्ता

