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बिहार एम्स चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम दो अंतिम पटना

पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) बिकाश मेधी ने दवाओं के तर्कसंगत इस्तेमाल को बढ़ावा देने में फार्माकोविजिलेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दवाओं की लगातार निगरानी और उनके संभावित दुष्प्रभावों की समय पर पहचान सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।"एडवर्स ड्रग रिएक्शन रिपोर्टिंग से मरीजों की सुरक्षा तक" विषय पर भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के भारतीय भेषज संहिता आयोग के नेशनल कोऑर्डिनेशन सेंटर -फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. आर. एस. रे ने अपने विचार रखे। उन्होंने दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की रिपोर्टिंग के महत्व को…

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टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
बिहार एम्स चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम दो अंतिम पटना
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
23/09/26 12:09
पिछला अपडेट
23/09/26 12:09
स्थान
India