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कवि सत्यनारायण की कविता की सबसे बड़ी ताकत उसका जनसरोकार है। वे कठिन शब्दावली के बजाय ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिसे आम पाठक और श्रोता आसानी से समझ सके। यही वजह रही कि उनकी कविताएं पुस्तकालयों और साहित्यिक गोष्ठियों के साथ-साथ नुक्कड़ों, सभाओं और आंदोलनों तक पहुंचीं। श्री सत्यनारायण को साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए 2020-21 के लिए उन्हें बिहार सरकार की हिन्दी सेवी सम्मान एवं पुरस्कार योजना के तहत नागार्जुन सम्मान के लिए चुना गया था। इसके अलावा उन्हें नागार्जुन सम्मान, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद का विशिष्ट साहित्य सेवा सम्मान, रमण साहित्य पुरस्कार, गोपाल सिंह नेपाली…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
बिहार कवि सत्यनारायण स्मृति शेष तीन अंतिम पटना
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
29/08/26 10:27
पिछला अपडेट
29/08/26 10:27
स्थान
India