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ज्योतिष काल-विधान का शास्त्र, पंचांग सौर-चंद्र चक्रों का सटीक समन्वय : राम जीवन मिश्र

दरभंगा, 02 सितंबर (वार्ता) ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग एवं डॉ. प्रभात दास फाउंडेशन, दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को 'ज्योतिषशास्त्र में पंचांग विचार' विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। पीजी संस्कृत विभाग के सभागार में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकान्त झा ने की। मुख्य वक्ता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी के धर्मागम विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राम जीवन मिश्र ने कहा कि ज्योतिष काल-विधान का शास्त्र है, जो सृष्टि की रचना के आरंभ से अंत तक की काल-गणना करने में सक्षम है। काल का न आदि है, न मध्य और न…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
बिहार ज्योतिषशास्त्र संगोष्ठी
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
02/09/26 11:01
पिछला अपडेट
02/09/26 11:01
स्थान
India