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बिहार दिनकर कवि सम्मेलन दो अंतिम पटना

कवि ध्रुव कुमार ने अपनी कविता को जेन जी और जेन अल्फा को समर्पित करते हुए नई पीढ़ी के मनोभावों और बदलते सामाजिक परिवेश को शब्द दिए। उनकी पंक्तियों ने श्रोताओं को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।वहीं कवि अशोक कुमार सिन्हा ने गांव और बदलते ग्रामीण परिवेश पर केंद्रित कविता प्रस्तुत की। उनकी पंक्तियाँ "बदल गया अब गांव, सजा-सजाया बाग, जहां खेलता था वहां जरा आकर देखो जलती आग…" ने श्रोताओं को गांव और बचपन की स्मृतियों से जोड़ दिया। कवि शुभचंद्र सिन्हा ने भी राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को नमन करते हुए अपनी कविता…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
बिहार दिनकर कवि सम्मेलन दो अंतिम पटना
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
23/09/26 16:22
पिछला अपडेट
23/09/26 16:22
स्थान
India