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बिहार ब्रिक्स सत्तू-मखाना तीन अंतिम पटना

किसी भी छोटे स्टार्टअप के लिए लोकल बाजार से निकलकर इंटरनेशनल स्तर तक अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता। लेकिन जब सरकार का सहयोग और सही प्लेटफॉर्म मिलता है, तो छोटे कारोबार के बड़े सपने भी हकीकत में बदलने लगते हैं। ब्रिक्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर इन उत्पादों की मौजूदगी बिहार के स्थानीय कारोबारियों, किसानों और उत्पाद कों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।सुपौल जिला के रहने वाले मनमोहन झा 10 बीघा से ज्यादा जमीन पर मखाना की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि," मखाना ने गांव में रहने लायक बना दिया है। धान गेहूं से काफी…

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टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
बिहार ब्रिक्स सत्तू मखाना तीन अंतिम पटना
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
14/09/26 12:08
पिछला अपडेट
14/09/26 12:08
स्थान
India