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श्रीमद्भगवद्गीता किसी एक दर्शन की पुस्तक नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परम्परा का बीज-कोश है : प्रो.अमर
प्रकाशित तिथि: 30/09/26 10:33
India
दरभंगा, 30 सितंबर (वार्ता)ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग में बुधवार को "श्रीमद्भगवद्गीता में भारतीय ज्ञान परम्परा के बीज तत्त्व" विषय पर एकल व्याख्यान आयोजित किया गया।मुख्य वक्ता एवं विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रुद्रकांत अमर ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता किसी एक दर्शन की पुस्तक नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परम्परा का बीज-कोश है। इसमें उपनिषदों की आत्मविद्या, सांख्य का तत्त्वविवेक, योग की समत्व-दृष्टि और कर्म की लोकोपयोगिता का समन्वय मिलता है। उन्होंने आत्मा की नित्यता, स्थितप्रज्ञता, निष्काम कर्म, ज्ञान-कर्म-भक्ति के समन्वय तथा समत्व-योग को भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रमुख बीज तत्त्व बताया।उन्होंने कहा कि गीता की विशेषता यह है…