चुनौतियों के बीच निर्यात क्षेत्र का जोरदार प्रदर्शन, सितंबर में 23 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा वाणिज्यिक निर्यात

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (वार्ता) वैश्विक चुनौतियों के बीच देश का वाणिज्यिक निर्यात सितंबर माह में सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़ कर 44.40 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया जबकि इसी दौरान आयात 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 74.61 अरब डॉलर रहा।
इस तरह सितंबर में व्यापार घाटा एक माह पहले के 26.86 अरब डॉलर से बढ़ कर 30.21 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले साल सितंबर में 33 अरब डॉलर था। पिछले साल सितंबर में वाणिज्य निर्यात 36.08 अरब डॉलर और आयात 69.08 अरब डॉलर था। इस साल अगस्त में निर्यात 43.81 अरब डॉलर और आयात 70.67 अरब डॉलर था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी मासिक आयात निर्यात रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-सितंबर 2026-27 के दौरान देश का कुल निर्यात (वस्तुएं और सेवाएं) 476.20 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि अप्रैल-सितंबर 2025-26 में यह 418.31 अरब डॉलर था। इस प्रकार, इसमें 13.84 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल-सितंबर 2026-27 के दौरान वस्तुओं के निर्यात का कुल मूल्य 259.89 अरब डॉलर रहा, जबकि अप्रैल-सितंबर 2025-26 में यह 219.30 अरब डॉलर था। इसमें 18.51 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-सितंबर 2026-27 में गैर-पेट्रोलियम निर्यात का कुल मूल्य 218.70 अरब डॉलर रहा, जो अप्रैल-सितंबर 2025-26 के 189.26 अरब डॉलर की तुलना में 15.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। सितंबर 2026 में माल निर्यात में वृद्धि के मुख्य कारकों में इलेक्ट्रॉनिक सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, इंजीनियरिंग सामान, सूती धागा/कपड़े/तैयार उत्पाद, हथकरघा उत्पाद आदि शामिल हैं।
इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात सितंबर 2025 में 3.11 अरब अमेरिकी डॉलर से 70.44 प्रतिशत बढ़कर सितंबर 2026 में 5.31 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। इसी तरह पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात सितंबर 2025 में 4.71 अरब अमेरिकी डॉलर से 31.90 प्रतिशत बढ़कर सितंबर 2026 में 6.22 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। कार्बनिक और अकार्बनिक रसायनों का निर्यात सितंबर 2025 में 2.37 अरब डॉलर से 24.21 प्रतिशत बढ़कर सितंबर 2026 में 2.94 अरब डॉलर हो गया।
इंजीनियरिंग सामान का निर्यात सितंबर 2025 में 10.06 अरब अमेरिकी डॉलर से 20.91 प्रतिशत बढ़कर सितंबर 2026 में 12.17 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। सूती धागा/कपड़े/तैयार उत्पाद और हथकरघा उत्पादों का निर्यात सितंबर 2025 में 0.93 अरब अमेरिकी डॉलर से 20.76 प्रतिशत बढ़कर सितंबर 2026 में 1.12 अरब डॉलर हो गया। सितंबर 2026 के लिए भारत का कुल निर्यात (माल और सेवाएं मिलाकर) 80.75 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो सितंबर 2025 की तुलना में 10.99 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्शाता है। सितंबर 2026 के लिए कुल आयात (माल और सेवाएं मिलाकर) 94.05 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो सितंबर 2025 की तुलना में 8.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। सितंबर में इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात में दो अंकों की भारी वृद्धि, इस सेक्टर की मजबूती और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को दर्शाती है।
निर्यातकों के शीर्ष संगठन फियो के अध्यक्ष एस.सी. राल्हन ने एक बयान में कहा, 'सितंबर के आंकड़े दर्शाते हैं कि अमेरिका में आयात शुल्क को लेकर अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और लॉजिस्टिक्स संबंधी चुनौतियों के बावजूद भारतीय निर्यातक मजबूती से डटे हुए हैं।" फियो ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक सामान, इंजीनियरिंग उत्पादों, पेट्रोलियम उत्पादों, रसायनों और कृषि उत्पादों के अधिक निर्यात ने इस वृद्धि में योगदान दिया।
फियो अध्यक्ष ने कहा, "अमेरिका का हमारे लिए वस्तुओं के निर्यात का सबसे बड़ा बाजार बने रहना, इस आर्थिक साझेदारी के महत्व को दर्शाता है। स्थापित व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ, हमें निर्यात के लिए नए बाजारों की तलाश तेज करनी चाहिए और भारतीय व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करने चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "पहली छमाही का यह मजबूत प्रदर्शन एक हजार अरब डॉलर के वार्षिक के निर्यात लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है। अब प्राथमिकता यह है कि इस गति को लगातार मिलने वाले ऑर्डर और बाजारों में गहरी पैठ में बदला जाए। एक अनुकूल नीतिगत माहौल के साथ, भारत उच्च-मूल्य और तकनीक-प्रधान निर्यात का विस्तार कर सकता है, अपनी पारंपरिक खूबियों को और मजबूत कर सकता है, तथा वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में अपनी भागीदारी बढ़ा सकता है।"
इंजीनियरिंग निर्यातकों के संगठन ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन, पंकज चड्ढा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रदर्शन करते हुए, भारत के इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात में चालू वित्त वर्ष के दौरान लगातार छठे महीने भी वृद्धि का सिलसिला जारी रहा। सितंबर 2026 में इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात 12.17 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के इसी महीने के 10.06 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 21 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान कुल निर्यात मूल्य 70.87 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 59.17 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। यह 19.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। दो अंकों की यह बड़ी वृद्धि दिखाती है कि देश का इंजीनियरिंग सेक्टर बाहरी झटकों का सामना करने में सक्षम है। पिछले कुछ वर्षों में, रूस-यूक्रेन संघर्ष से लेकर अन्य कई कारणों से व्यापार को लगातार रुकावटों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
पश्चिम एशिया में युद्ध और मध्य पूर्व के तनाव ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इंजीनियरिंग सेक्टर को समय पर दिए गए सहयोग ने इस मुश्किल दौर से निपटने में मदद की है। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और ओमान के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला ) में भारतीय उद्योगों की भागीदारी को मजबूत किया है। न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता जल्द ही लागू होने वाला है, और यूरोपीय संघ के साथ होने वाला एक बहुत बड़ा समझौता भी इस वित्त वर्ष के अंत तक लागू होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, इंजीनियरिंग निर्यात सेक्टर के लिए भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार मार्गों में रुकावटें कुछ जोखिम पैदा कर सकती हैं, लेकिन नए व्यापार समझौते निर्यातकों के लिए कई नए अवसर भी खोलेंगे। वित्त वर्ष के पहले छह महीनों के रुझानों को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात इस साल एक सकारात्मक मोड़ के साथ समाप्त होगा।
मनोहर, मधुकांत वार्ता

