नयी दिल्ली, 01 अक्टूबर (वार्ता) सरकार ने चीनी बाजार का उबाल ठंडा होने के बावजूद त्योहारी सीजन में जमाखाेरी जैसी अवांछनीय गतिविधियों के प्रति चौकसी बढ़ा दी है और स्टॉक के नियम कड़े कर दिये हैं।
उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की अवधि घटाकर 15 दिन कर दिया है और स्टॉक रखने की सीमा 1,000 क्विंटल निर्धारित की है। यह आदेश 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। कोलकाता उसके उपनगरीय क्षेत्रों तथा और असम राज्य में यह आदेश लागू नहीं होगा।
बाजार में हाल के दौर में चीनी के खुदरा भाव 15 प्रतिशत और मिल गेट की कीमतों में लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। चीनी बाजार के लिए संशोधित नियमों के तहत चीनी व्यापारियों को चीनी का स्टॉक प्राप्त होने की तारीख से 15 दिनों से अधिक समय तक अपने पास रखने की छूट नहीं होगी। वे देश भर में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 1,000 क्विंटल से अधिक चीनी का भंडार नहीं रख सकेंगे।
विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, कोलकाता और उसके उपनगरीय क्षेत्रों तथा असम राज्य के लिए स्टॉक रखने की सीमा 2,000 क्विंटल निर्धारित की गयी है। कोलकाता उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी खरीदता है और इसे देश के पूर्वी हिस्से, जिसमें उत्तर-पूर्वी क्षेत्र भी शामिल है, को आपूर्ति करता है। असम के लिए ऊपरी सीमा भौगोलिक बाधाओं, परिवहन व्यवस्था और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में उपभोक्ताओं की रुचि को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गयी है।
मनोहर.श्रवण वार्ता