थोक महंगाई सितंबर में 11.39 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (वार्ता) विनिर्मित वस्तुओं, ईंधन और खाद्य पदार्थों के थोक दाम तेजी से बढ़ने के कारण गत सितंबर में थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति की दर 11.39 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
साल 2022-23 आधार वर्ष की नयी सीरीज में थोक महंगाई पहली बार दहाई अंक में पहुंची है। इससे पहले अगस्त 2026 में यह 9.92 फीसदी और सितंबर 2025 में शून्य से 0.2 प्रतिशत नीचे थी। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि सितंबर में खाद्य थोक महंगाई 8.66 प्रतिशत पर रही। प्राथमिक वस्तुओं के वर्ग में महंगाई दर 8.67 प्रतिशत, ईंधन एवं बिजली वर्ग में 25.85 प्रतिशत और विनिर्मित उत्पादों के वर्ग में 9.76 प्रतिशत रही। प्राथमिक वस्तुओं के वर्ग में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 8.14 प्रतिशत, गैर-खाद्य उत्पादों की 10.28 प्रतिशत और खनिजों की 9.51 प्रतिशत दर्ज की गई।
ईंधन एवं बिजली वर्ग में एक साल पहले की तुलना में कच्चा तेल एवं प्राकृतिक गैस की कीमतों में सबसे तेज उछाल दर्ज की गई। महंगाई दर 57.32 प्रतिशत रही। खनिज तेलों की महंगाई दर 40 फीसदी और कोयला तथा लिग्नाइट की 9.31 प्रतिशत पर रही। वहीं, बिजली की कीमत में 0.43 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
विनिर्मित उत्पादों में साल-दर-साल आधार पर सामान्य धातु उत्पाद 16.96 प्रतिशत, रसायन एवं रासायनिक उत्पाद 16.74 प्रतिशत, कपड़े 13.85 प्रतिशत, रबर एवं प्लास्टिक के उत्पाद 13.47 प्रतिशत, तंबाकू उत्पाद 12.90 प्रतिशत और बिजली के उपकरण 11.93 प्रतिशत महंगे हुए हैं।
मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान औसत थोक मुद्रास्फीति की दर 9.85 प्रतिशत रही। इसमें ईंधन एवं बिजली वर्ग की महंगाई 25.31 प्रतिशत, प्राथमिक वस्तुओं की 6.89 प्रतिशत और विनिर्मित उत्पादों की 8.08 प्रतिशत रही है।
अजीत, उप्रेती वार्ता

