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कचरे से बने 'स्मार्ट बैंडेज' भरेंगे मधुमेह के पुराने घाव, दिग्विजय कॉलेज के डॉ. आडिल की बड़ी उपलब्धि

राजनांदगांव, 20 अप्रैल (वार्ता) चिकित्सा जगत में नवाचार करते हुए छत्तीसगढ़ के दिग्विजय कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. केश्वराम आडिल ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो बरसों पुराने और जटिल घावों को तेजी से भरने में सक्षम होगी। डॉ. आडिल ने पशु अपशिष्ट (वेस्ट), जैसे मुर्गी के पंख और मानव बालों से प्राप्त "केराटिन प्रोटीन"का उपयोग कर 'कंडक्टिव नैनो फाइबर बैंडेज' तैयार किया है। यह शोध विशेष रूप से डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकता है। यह बैंडेज सामान्य पट्टियों से बिल्कुल अलग है। इसे इलेक्ट्रो स्पिनिंग तकनीक के माध्यम…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
101
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
छत्तीसगढ़ चिकित्सा उपलब्धि
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
20/04/26 00:00
पिछला अपडेट
20/04/26 00:00
स्थान
India