एक्सक्लूसिव ख़बरें और डेटा, जो मार्केट प्रोफेशनल्स को रखते हैं सबसे आगे। 09/09/26 17:47

दलित साहित्य का अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद किया जाना चाहिए: विमल थोराट

पुणे, 05 सितंबर (वार्ता) प्रसिद्ध दलित लेखिका विमल थोराट ने कहा है कि दलित साहित्य का अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद किया जाना चाहिए ताकि इसकी संवेदना, अनुभव और सामाजिक यथार्थ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें। पुणे के बाल गंधर्व रंगमंदिर में करुणादीप फाउंडेशन और त्रिरत्न वैरोचन केंद्र द्वारा आयोजित 'उर्जेन कला महोत्सव' के तहत साहित्यकारों-कलाकारों के एक चर्चा सत्र में सुश्री थोराट ने इसके समापन अवसर पर यह बात कही। चर्चा मुख्य रूप से दलित साहित्य, इसकी प्रासंगिकता और कला के साथ इसके संबंधों पर केंद्रित थी। इस चर्चा में पद्म श्री ज्ञानवाग संपतेन, शाहिरी कलाकार संभाजी भगत…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
महोत्सव महाराष्ट्र दलित साहित्य
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
,
प्रकाशित तिथि
05/09/26 11:16
पिछला अपडेट
05/09/26 11:16
स्थान
India