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प्रेमवती जाते-जाते भी दे गई दो आंखों को रोशनी

बागपत, 21 अक्टूबर (वार्ता) मरने के बाद भी जिया जा सकता है, बागपत जिले की प्रेमवती जैन ने नश्वर शरीर छोड़ने के बाद भी उन्होंने दो नेत्रहीनों के अंधेरे जीवन में उजाला भर दिया। दरअसल, बुधवार को उत्तर प्रदेश के बागपत में कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी श्रीमती प्रेमवती जैन धर्मपत्नी स्व. आनंद कुमार जैन का निधन हो गया। अंतिम समय में भी उनकी इच्छा थी कि उनके जाने के बाद उनकी आंखें किसी और आँखों से दिव्यांग व्यक्तियों के माध्यम से दुनिया देख सकें। उनके शरीर छोड़ने के तुरंत बाद परिजनों ने उनकी इस अंतिम इच्छा को पूरा किया।…

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100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
नेत्रदान मिसाल
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
21/10/26 11:09
पिछला अपडेट
21/10/26 11:09
स्थान
India