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पशुधन आधारित कारोबार का उदाहरण है बकरीद

अमरोहा, 28 मई (वार्ता) ईद-उल-अजहा (बकरीद) केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शहरी प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ा एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक आयोजन भी है। अमरोहा जिले में यह पर्व हर वर्ष पशुधन आधारित कारोबार, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय नियमन के समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आता है। विशेषज्ञों के अनुसार बकरीद के अवसर पर पशुधन व्यापार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा प्रदान करता है। जिले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बकरियां एवं अन्य पशुधन शहरी मंडियों तक पहुंचते हैं, जिससे करोड़ों रुपये का मौसमी कारोबार उत्पन्न होता है। हालांकि जिले में…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
बकरीद पशुधन
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
28/05/26 14:03
पिछला अपडेट
28/05/26 14:03
स्थान
India