योगी की युवाओं से ज्ञान को कौशल से जोड़कर विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में भागीदार बनने की अपील

लखनऊ, 28 सितंबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं और विद्यार्थियों से ज्ञान के विस्तृत संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग करते हुए अपनी प्रतिभा और कौशल को निखारने तथा विकसित राज्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है।
अपने खास संदेश 'योगी की पाती' के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा है कि ज्ञान जब कौशल से जुड़ता है तो युवा अपनी प्रतिभा को सामर्थ्य में बदलकर सपनों को साकार कर सकते हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि 23 वर्ष की आयु में देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले शहीद भगत सिंह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का जीवन युवाओं को राष्ट्र के लिए समर्पण, सामाजिक बुराइयों से मुक्ति और अपने संकल्प को कर्म से जोड़ने की प्रेरणा देता है।
श्री योगी ने कहा कि जाति-पांति, नशा और अन्य सामाजिक कुरीतियों की बेड़ियों से मुक्ति के लिए युवाओं को अपनी ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर युवा ज्ञान को अपनी शक्ति बनाएं, जीवन में अनुशासन लाएं और अपने संकल्प को कर्म से जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान जब कौशल से जुड़ता है तो युवा अपनी प्रतिभा को सामर्थ्य में बदल सकते हैं। राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, उद्यम और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से युवाओं को अपना उद्यम स्थापित करने और रोजगार सृजित करने के लिए मजबूत आधार दिया जा रहा है। साथ ही, स्टार्टअप नीति के माध्यम से नवाचार और अवसरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनका विश्वास है कि युवा ज्ञान के स्रोतों का उपयोग करेंगे, संकल्प को कर्म से जोड़ेंगे तो उनके सपनों के साथ प्रदेश की विकास यात्रा को भी नई गति मिलेगी। श्री योगी ने प्रदेशवासियों से ज्ञान के विस्तृत संसाधनों का अधिकाधिक सदुपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर प्रत्येक जनपद में आधुनिक पुस्तकालय एवं डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं, ताकि ज्ञान तक पहुंच और आसान हो सके। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों का उपयोग युवा अपनी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और व्यक्तित्व विकास के लिए करें। एक पुस्तक किसी युवा के जीवन में नया विचार पैदा कर सकती है और एक नया विचार पूरे समाज को नई दिशा दे सकता है।
इसलिए युवाओं को पढ़ने, सीखने और अपने ज्ञान को समाज तथा प्रदेश के विकास से जोड़ने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ज्ञान, कौशल, नवाचार और संकल्प के माध्यम से युवा न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि ज्ञानवान, संस्कारवान और सामर्थ्यवान उत्तर प्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री की 'योगी की पाती' में युवाओं को पुस्तकालयों और ज्ञान के अन्य संसाधनों से जुड़ने का संदेश प्रमुखता से दिया गया है।
राय, उप्रेती वार्ता

