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सावन में सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा 'गहरेबाजी' आज भी है जीवित

प्रयागराज, 17 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सावन के प्रत्येक सोमवार को धार्मिक आस्था के साथ-साथ सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा 'गहरेबाजी' का भी आयोजन किया जाता है। सोमवार को नैनी के अरैल क्षेत्र में यमुना तट के निकट आयोजित पारंपरिक इक्का दौड़ प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर इस अनूठी विरासत का आनंद लिया। प्रयागराज में सावन के सोमवारों पर इक्का दौड़ आयोजित करने की वर्षों पुरानी परंपरा है। स्थानीय भाषा में 'गहरेबाजी' के नाम से प्रसिद्ध इस प्रतियोगिता में केवल घोड़ों की गति ही नहीं, बल्कि उनकी चाल, संतुलन और प्रदर्शन कौशल का भी…

समाचार विवरण:

कुल शब्द:
100
टाइप:
टेक्स्ट
यूआरएल स्लग:
लोकरुचि गहरेबाजी परंपरा
स्रोत:
UNI Varta
कैटेगरी
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प्रकाशित तिथि
17/08/26 14:50
पिछला अपडेट
17/08/26 14:50
स्थान
India